राज्यसभा में नीतीश कुमार की पहली मानसून सत्र में एंट्री, सभापति सीपी राधाकृष्णन से की मुलाकात; साथ दिखे संजय झा
New Delhi: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता नीतीश कुमार ने मंगलवार को राज्यसभा सदस्य के तौर पर पहली बार मानसून सत्र में हिस्सा लिया। संसद पहुंचने के बाद उन्होंने उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय झा भी उनके साथ मौजूद रहे।
नीतीश कुमार ने मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते हुए बताया कि उन्होंने नई दिल्ली में राज्यसभा सदस्य के रूप में पहली बार मानसून सत्र की कार्यवाही में भाग लिया। इसके बाद उन्होंने उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा सभापति सीपी राधाकृष्णन से औपचारिक मुलाकात की।
मार्च में निर्विरोध चुने गए थे राज्यसभा सदस्य
नीतीश कुमार का राज्यसभा पहुंचना बिहार की राजनीति में हुए हालिया बदलावों के बाद हुआ है। मार्च 2026 में वह राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए थे। इसके बाद 30 मार्च को उन्होंने बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। 10 अप्रैल को उन्होंने राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली।
अब पहली बार मानसून सत्र में राज्यसभा की कार्यवाही में शामिल होने के साथ ही नीतीश कुमार की राष्ट्रीय राजनीति में नई भूमिका भी औपचारिक रूप से नजर आने लगी है।
बिहार की राजनीति के बाद अब दिल्ली पर नजर
लंबे समय तक बिहार की सत्ता और राजनीति के केंद्र में रहे नीतीश कुमार का राज्यसभा में सक्रिय होना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संसद के उच्च सदन में उनकी भूमिका पर अब राजनीतिक गलियारों की नजर रहेगी।
इस दौरान उनके साथ संजय झा की मौजूदगी को भी अहम माना जा रहा है। दोनों नेताओं की सक्रियता से यह संकेत मिल रहा है कि जदयू बिहार के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी राजनीतिक भूमिका को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। राज्यसभा के आगामी सत्र में नीतीश कुमार की सक्रियता और उनके हस्तक्षेप पर राजनीतिक विश्लेषकों की नजर बनी रहेगी।







