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राज्यसभा चुनाव के बीच भी नहीं थमेंगे नीतीश कुमार, 17 मार्च से फिर शुरू हो सकती है ‘समृद्धि यात्रा’

एनडीए के उम्मीदवार के रूप में राज्यसभा की दौड़ में शामिल मुख्यमंत्री; जिलों के दौरे को लेकर तेज हुई सियासी चर्चा
 
राज्यसभा चुनाव के बीच भी नहीं थमेंगे नीतीश कुमार, 17 मार्च से फिर शुरू हो सकती है ‘समृद्धि यात्रा’
Bihar Political News: बिहार की राजनीति इन दिनों दो बड़े घटनाक्रमों को लेकर चर्चा में है, एक तरफ राज्यसभा चुनाव और दूसरी तरफ मुख्यमंत्री की लगातार चल रही “समृद्धि यात्रा”। दिलचस्प बात यह है कि राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनने के बावजूद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का जिला-दौरा कार्यक्रम थमता नहीं दिख रहा। सूत्रों के मुताबिक, 17 मार्च से “समृद्धि यात्रा” के चौथे चरण की शुरुआत हो सकती है।

दरअसल, 16 मार्च को राज्यसभा चुनाव होना है, जिसमें JDU ने नीतीश कुमार को उम्मीदवार बनाया है। एनडीए की ओर से कुल पांच उम्मीदवार मैदान में हैं- जदयू से नीतीश कुमार और रामनाथ ठाकुर, जबकि BJP की ओर से नितिन नवीन और शिवेश राम को टिकट मिला है। वहीं राष्ट्रीय लोक मोर्चा से उपेंद्र कुशवाहा उम्मीदवार हैं।

जिलों में लगातार सक्रिय मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री इन दिनों “समृद्धि यात्रा” के जरिए राज्य के अलग-अलग जिलों का दौरा कर रहे हैं। यात्रा के तीसरे चरण में वे 10 से 14 मार्च तक सीमांचल और कोसी इलाके के जिलों में कार्यक्रम कर रहे हैं।

इस दौरान 11 मार्च को किशनगंज और अररिया, 12 मार्च को कटिहार और पूर्णिया, जबकि 13 मार्च को सहरसा और खगड़िया का दौरा तय किया गया है। इस दौरान वे विकास योजनाओं की समीक्षा करने के साथ स्थानीय अधिकारियों और आम लोगों से भी बातचीत कर रहे हैं।

चौथे चरण को लेकर बढ़ी हलचल

अब 17 मार्च से यात्रा के चौथे चरण की संभावित शुरुआत की चर्चा ने राजनीतिक हलकों में नई अटकलों को जन्म दे दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि राज्यसभा जाने के बावजूद नीतीश कुमार का जमीनी सक्रिय रहना एक बड़ा राजनीतिक संदेश हो सकता है।

बताया जा रहा है कि राज्यसभा सदस्य के रूप में उनका कार्यकाल अप्रैल से शुरू होगा। ऐसे में मार्च में होने वाले दौरे सरकार की योजनाओं की निगरानी और प्रशासनिक सक्रियता दिखाने के लिहाज से अहम माने जा रहे हैं।

राज्यसभा की पांचवीं सीट पर टक्कर

बिहार विधानसभा में एनडीए के पास 202 विधायकों का समर्थन है, जिससे चार सीटें लगभग तय मानी जा रही हैं। लेकिन पांचवीं सीट के लिए मुकाबला दिलचस्प हो गया है।

विपक्ष की ओर से Tejashwi Yadav की पार्टी RJD ने A. D. सिंह को उम्मीदवार बनाया है।

सूत्रों के अनुसार, आरजेडी को कांग्रेस, वाम दलों और अन्य सहयोगी दलों का समर्थन मिल सकता है। वहीं All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen के पांच विधायकों के समर्थन की भी चर्चा है।

ऐसे में 16 मार्च को होने वाला मतदान यह तय करेगा कि राज्यसभा की पांचवीं सीट पर बाजी एनडीए के खाते में जाएगी या महागठबंधन के।