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पुराने तेवर में दिखे नीतीश कुमार, निर्माण कार्य में देरी पर अधिकारियों को लगाई फटकार

राज्यसभा सांसद और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुक्रवार को अपने पुराने तेवर में दिखे। अचानक नालंदा दौरे पर पहुंचे नीतीश कुमार ने पटना-राजगीर कनेक्टिविटी की महत्वाकांक्षी परियोजना 'करौटा-सालेपुर-राजगीर टूरिस्ट वे' के निर्माण कार्य का जायजा लिया।
 
नीतीश कुमार

राज्यसभा सांसद और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुक्रवार को एक बार फिर अपने पुराने तेवर में नजर आए। अचानक नालंदा दौरे पर पहुंचे नीतीश कुमार ने पटना से राजगीर को जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी परियोजना 'करौटा-सालेपुर-राजगीर टूरिस्ट वे' के निर्माण कार्य का जायजा लिया। इस दौरान उनके साथ बिहार के डिप्टी सीएम विजय चौधरी भी मौजूद रहे।

निरीक्षण के दौरान सालेपुर के पास निर्माण कार्य में देरी और ढिलाई देखकर नीतीश कुमार नाराज हो गए। उन्होंने मौके पर मौजूद पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के ठेकेदारों को जमकर फटकार लगाई। नीतीश कुमार करीब 20 मिनट तक सालेपुर में रुके। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों की गाड़ियों में बैठने के बजाय निर्माणाधीन सड़क पर करीब एक किलोमीटर तक पैदल चलकर काम की प्रगति देखी।

उन्होंने सड़क निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री, पुलिया और अंडरपास के अलाइनमेंट का बारीकी से निरीक्षण किया। मौके पर मौजूद इंजीनियरों और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि यह बेहद महत्वपूर्ण परियोजना है। इसके निर्माण में किसी भी तरह की लापरवाही, देरी या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने तय समय सीमा के भीतर हर हाल में काम पूरा करने का निर्देश दिया।

इस दौरान नालंदा के सांसद कौशलेंद्र कुमार, जदयू के राष्ट्रीय महासचिव इंजीनियर सुनील कुमार, जदयू जिलाध्यक्ष समेत कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

दरअसल, पटना से ऐतिहासिक और पर्यटन नगरी राजगीर तक सीधी, सुगम और जाम-मुक्त कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 'करौटा-सालेपुर-राजगीर टूरिस्ट वे' का निर्माण कराया जा रहा है। इस ग्रीनफील्ड कनेक्टिविटी कॉरिडोर को दो प्रमुख खंडों में विकसित किया जा रहा है।

परियोजना के पहले खंड में एनएच-31 पर स्थित करौटा (मां जगदंबा स्थान) से तेलमर, भेड़िया और नरसंडा होते हुए सालेपुर तक करीब 19.43 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई गई है। इस हिस्से के निर्माण पर लगभग 265 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। यह सड़क बिहटा-सरमेरा स्टेट हाईवे (एसएच-78) से जुड़ती है।

वहीं, नरसंडा के पास एनएच-431 क्रॉसिंग पर यातायात को सुगम बनाने के लिए फ्लाईओवर और सर्विस रोड का भी निर्माण किया गया है। इस परियोजना के पूरा होने से पटना और राजगीर के बीच आवागमन पहले की तुलना में अधिक आसान और सुविधाजनक होने की उम्मीद है।