बपौती नहीं, जनता का आशीर्वाद- सदन में सम्राट का तेजस्वी पर जोरदार पलटवार, ‘किसी की पाठशाला से नहीं बना CM’
तेजस्वी यादव के “लालू की पाठशाला” वाले तंज का जवाब देते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री का पद किसी की बपौती नहीं होता। उन्होंने विपक्ष को निशाने पर लेते हुए कहा कि लोकतंत्र में सत्ता किसी एक परिवार की नहीं, बल्कि 14 करोड़ बिहारियों के विश्वास से तय होती है।
सम्राट चौधरी ने अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी राजनीति संघर्ष से निकली है। उन्होंने लालू प्रसाद यादव के शासनकाल का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि उस दौर में उन्हें और उनके परिवार को जेल तक जाना पड़ा, जिसने उनके राजनीतिक जीवन को नई दिशा दी।
सीएम ने आगे कहा कि आज वे इस पद पर हैं तो यह नीतीश कुमार, नरेंद्र मोदी, चिराग पासवान, उपेंद्र कुशवाहा और अन्य सहयोगी नेताओं के समर्थन और जनता के विश्वास का परिणाम है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में कोई भी व्यक्ति किसी एक “पाठशाला” से नहीं बनता, बल्कि जनता के भरोसे और अपने संघर्ष के दम पर आगे बढ़ता है। सदन में उनके इस बयान के बाद सियासी माहौल और गरमा गया।







