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“अब राज्यसभा की बारी…”: जेडीयू बैठक के बाद बड़ा खुलासा, नीतीश की नई पारी तय? निशांत की राजनीति में एंट्री के भी संकेत

 
“अब राज्यसभा की बारी…”: जेडीयू बैठक के बाद बड़ा खुलासा, नीतीश की नई पारी तय? निशांत की राजनीति में एंट्री के भी संकेत
Bihar Political News: बिहार की राजनीति में चल रही हलचल के बीच जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) की अहम बैठक के बाद बड़ा बयान सामने आया है। बिहार सरकार के वरिष्ठ मंत्री विजय कुमार चौधरी ने साफ कर दिया है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद राज्यसभा जाने की इच्छा जताई है। इस खुलासे के बाद राज्य की सियासत में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाएं और तेज हो गई हैं।

बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए विजय कुमार चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने पार्टी के सांसदों, विधायकों और विधान पार्षदों को अपने भविष्य के राजनीतिक फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि करीब दो दशक तक बिहार की सेवा करने के बाद अब उनकी इच्छा संसदीय लोकतंत्र के उस सदन का अनुभव लेने की है, जहां वे अब तक नहीं रहे हैं।

चारों सदनों का अनुभव लेने की इच्छा

विजय चौधरी के मुताबिक मुख्यमंत्री का मानना है कि संसदीय लोकतंत्र के चार प्रमुख सदन होते हैं और वे विधानसभा, विधान परिषद और लोकसभा का अनुभव पहले ही ले चुके हैं। अब राज्यसभा ही ऐसा मंच है, जहां वे अब तक नहीं पहुंचे हैं, इसलिए वहां जाकर काम करने की उनकी इच्छा है।

पद बदलेगा, लेकिन बिहार से नाता नहीं

जेडीयू नेता ने यह भी साफ किया कि राज्यसभा जाने के बाद भी नीतीश कुमार बिहार की राजनीति और पार्टी से दूर नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि उनका अनुभव और मार्गदर्शन एनडीए सरकार और जेडीयू के लिए पहले की तरह मिलता रहेगा और बिहार के विकास के लिए उनका योगदान जारी रहेगा।

निशांत की राजनीति में एंट्री के संकेत

बैठक के बाद जब पत्रकारों ने मुख्यमंत्री के बेटे निशांत कुमार के राजनीति में आने को लेकर सवाल पूछा, तो विजय चौधरी ने मुस्कुराते हुए कहा, “निशांत जी राजनीति में आएंगे ही… कब तक आएंगे, इसे आज से ही मान लीजिए।” उनके इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में ‘विरासत’ को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

अगले मुख्यमंत्री पर सस्पेंस बरकरार

वहीं जब पत्रकारों ने बिहार के अगले मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर सवाल किया, तो विजय चौधरी बिना कोई सीधा जवाब दिए वहां से निकल गए। हालांकि उन्होंने इतना जरूर कहा कि एनडीए सरकार पूरी मजबूती के साथ आगे भी काम करती रहेगी और मुख्यमंत्री का मार्गदर्शन हमेशा मिलता रहेगा।

फिलहाल बिहार की सियासत में सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर नीतीश कुमार दिल्ली की राह पकड़ते हैं, तो पटना की सत्ता की कमान आखिर किसके हाथ में जाएगी। आने वाले दिनों में इस सियासी पहेली का जवाब सामने आ सकता है।