विधान परिषद के बाहर विपक्ष का संग्राम: राबड़ी देवी ने कानून-व्यवस्था पर घेरा, शराबबंदी पर भी सरकार पर तीखे आरोप
• मैट्रिक छात्रा की मौत का मुद्दा भी उठाया
• RJD MLC ने लगाया आरोप-“शराबबंदी के बावजूद सत्ता पक्ष के लोग ही पी रहे शराब”
राबड़ी देवी ने कहा कि बिहार में हालात चिंताजनक हैं। “रेप और हत्या की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन सरकार अपनी उपलब्धियों का ढोल पीट रही है।” उन्होंने चेतावनी दी कि विपक्ष इन मुद्दों को सड़क से लेकर सदन तक उठाता रहेगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है, लेकिन “विपक्ष झुकने वाला नहीं है।” बेटियों की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में लड़कियों को धमकियां मिल रही हैं, पर वे डरने वाली नहीं हैं।
मैट्रिक छात्रा की मौत पर सवाल
राबड़ी देवी ने हाल में मैट्रिक परीक्षा से जुड़े एक मामले का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ मिनट देरी से पहुंचने पर एक छात्रा को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया, जिसके बाद उसने आत्महत्या कर ली। उन्होंने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की और सवाल उठाया कि “दो-चार मिनट की देरी पर परीक्षा से रोकना कौन सा नियम है?”
शराबबंदी पर नया विवाद
इसी दिन विधानमंडल के भीतर शराबबंदी का मुद्दा भी गरमा गया। राष्ट्रीय जनता दल के विधान परिषद सदस्य सुनील कुमार ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने दावा किया कि शराबबंदी के बावजूद बिहार में शराब आसानी से उपलब्ध है। यहां तक कि उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के कई मंत्री और विधायक खुद शराब का सेवन करते हैं और विधानमंडल परिसर तक में बोतलें खुलती हैं। हालांकि उन्होंने किसी का नाम लेने से इनकार किया।
RJD MLC ने यह भी कहा कि शराबबंदी लागू कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 25 हजार करोड़ रुपये का समानांतर कारोबार खड़ा कर दिया है। उनका आरोप था कि राज्य में नशे की समस्या गंभीर होती जा रही है और छोटे बच्चे भी सूखे नशे की चपेट में हैं।
गुरुवार को बिहार की राजनीति में कानून-व्यवस्था और शराबबंदी दो बड़े मुद्दों पर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने नजर आए। आने वाले दिनों में यह सियासी टकराव और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।







