वैशाली में पप्पू यादव का बदला अंदाज, मां काली की प्राण-प्रतिष्ठा से सरकार पर साधा निशाना
इस कार्यक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में उनके बदले रुख को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कई लोग इसे उनकी नई राजनीतिक रणनीति के तौर पर देख रहे हैं।
आस्था के मंच से राजनीति का संदेश
मां काली के मंच से पप्पू यादव ने धर्म और राजनीति को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि धर्म का मतलब सिर्फ पूजा-पाठ नहीं, बल्कि कमजोरों और बेटियों के हक के लिए खड़े होना है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि आस्था दिखावे का नहीं, बल्कि अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने का माध्यम होनी चाहिए।
कानून-व्यवस्था पर सरकार को घेरा
पप्पू यादव ने बिहार की कानून-व्यवस्था पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं और अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। सांसद ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार अपराधियों को संरक्षण दे रही है। उन्होंने कहा कि आज हालात ऐसे हो गए हैं कि बेटियों को सिर्फ असामाजिक तत्वों से ही नहीं, बल्कि रसूखदार लोगों से भी बचाने की जरूरत है।
भक्ति के साथ विरोध का संदेश
कार्यक्रम के दौरान पप्पू यादव ने भंडारे में प्रसाद वितरण किया और आम लोगों से सीधे संवाद किया। उन्होंने मां काली को अन्याय के विनाश का प्रतीक बताते हुए कहा कि सत्ता में बैठे लोगों को सिर्फ पूजा का दिखावा नहीं, बल्कि जनता की पीड़ा समझनी चाहिए।
पप्पू यादव के इस कार्यक्रम और बयानों से साफ है कि आने वाले दिनों में वे महिला सुरक्षा, अपराध और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को लेकर सरकार पर लगातार हमला बोल सकते हैं। वैशाली से दिया गया उनका यह संदेश बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा करता नजर आ रहा है।







