राजद में ‘एक वोट’ से सियासी भूचाल! विधायक की नाराजगी ने तेजस्वी की कुर्सी पर खड़ा किया संकट
• नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी बचाने और अनुशासन के बीच फंसी पार्टी
• राज्यसभा चुनाव के नतीजों ने और बढ़ाई टेंशन
ढाका से विधायक फैसल रहमान के वोटिंग से दूर रहने के फैसले ने पार्टी नेतृत्व को असमंजस में डाल दिया है। हालात ऐसे हैं कि लालू प्रसाद यादव और तेजश्वी यादव चाहकर भी सख्त कार्रवाई करने की स्थिति में नहीं दिख रहे।
क्यों फंसी है राजद?
दरअसल, मामला सिर्फ अनुशासन का नहीं बल्कि गणित का भी है। 243 सदस्यीय विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद बनाए रखने के लिए कम से कम 25 विधायकों का समर्थन जरूरी होता है। ऐसे में अगर किसी विधायक पर कार्रवाई होती है और संख्या घटती है, तो तेजस्वी यादव की कुर्सी खतरे में पड़ सकती है।
अंदरखाने बढ़ी बेचैनी
सूत्रों की मानें तो बाहर से भले ही पार्टी एनडीए पर आरोप लगा रही हो, लेकिन अंदरखाने हालात बेहद पेचीदा हैं। पार्टी नेतृत्व को अब यह तय करना है कि अनुशासन को प्राथमिकता दे या राजनीतिक अस्तित्व को बचाए।
राज्यसभा चुनाव ने बढ़ाई मुश्किलें
हालिया राज्यसभा चुनाव में भी राजद को झटका लगा है। पार्टी के उम्मीदवार को अपेक्षित वोट नहीं मिले। खबर है कि राजद के एक और कांग्रेस के तीन विधायकों ने मतदान नहीं किया, जिससे समीकरण बिगड़ गया।
एकता पर उठे सवाल
पूरे घटनाक्रम ने राजद की एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर अभी सख्ती नहीं की गई, तो भविष्य में और बड़ी चुनौती सामने आ सकती है।
फिलहाल तेजश्वी यादव के सामने सबसे बड़ी दुविधा यही है- “कुर्सी बचाएं या अनुशासन दिखाएं?” और यही सवाल बिहार की राजनीति को अगले कुछ दिनों तक गर्माए रखेगा।







