MLC चुनाव से पहले सियासी गणित तेज: नीतीश के इस्तीफे के बाद 11 सीटों पर NDA की मजबूत पकड़!
11 सीटों पर चुनाव, NDA भारी
आने वाले जून 2026 में 9 विधान पार्षदों का कार्यकाल खत्म हो रहा है, जबकि 2 सीटें पहले ही खाली हो चुकी हैं। ऐसे में कुल 11 सीटों पर चुनाव होना तय है। मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक, सत्तारूढ़ गठबंधन NDA इस मुकाबले में मजबूत स्थिति में दिखाई दे रहा है और करीब 10 सीटों पर उसकी पकड़ बनती नजर आ रही है।
चिराग पासवान की एंट्री, सीट की मांग तेज
इस चुनाव में Chirag Paswan की पार्टी भी सक्रिय हो गई है। लोकसभा और राज्यसभा में समर्थन के बदले लोजपा (रामविलास) एक सीट की दावेदारी ठोक रही है। वहीं भाजपा और जदयू के कोटे से खाली सीटों पर उपचुनाव भी होना है, जिससे समीकरण और दिलचस्प हो गए हैं।
महागठबंधन की मुश्किलें
विपक्षी खेमे की बात करें तो Tejashwi Yadav की अगुवाई वाला महागठबंधन संख्या बल में कमजोर नजर आ रहा है। परिषद की एक सीट जीतने के लिए 25 विधायकों का समर्थन जरूरी है, जबकि महागठबंधन के पास सहयोगियों के साथ कुल 41 विधायक ही हैं। ऐसे में एक सीट जीतना आसान है, लेकिन दूसरी सीट के लिए अतिरिक्त समर्थन जुटाना बड़ी चुनौती बन सकता है।
कई दिग्गजों का खत्म हो रहा कार्यकाल
इस बार जिन नेताओं का कार्यकाल खत्म हो रहा है, उनमें RJD, JDU, BJP और कांग्रेस के कई बड़े नाम शामिल हैं। इससे चुनाव और भी अहम हो गया है, क्योंकि नई नियुक्तियां भविष्य की राजनीति की दिशा तय करेंगी।
क्या कहते हैं नए समीकरण?
राजनीतिक गणित के अनुसार भाजपा और जदयू को 4-4 सीटें मिल सकती हैं, जबकि सहयोगी दलों जैसे उपेंद्र कुशवाहा और चिराग पासवान की पार्टियों को 1-1 सीट मिलने की संभावना है। वहीं RJD को अपनी एक सीट गंवानी पड़ सकती है।







