पटना में सियासी ‘शाह-मात’ की बिसात! अमित शाह की एंट्री से पहले ही कैबिनेट विस्तार पर तेज़ हलचल
सूत्रों के मुताबिक, अमित शाह के पटना पहुंचते ही कैबिनेट विस्तार और नए मंत्रियों के चयन को लेकर गहन मंथन शुरू हो जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी संभावित मंत्रियों की सूची के साथ स्टेट गेस्ट हाउस में शाह से मुलाकात कर सकते हैं। यह बैठक महज़ औपचारिक नहीं, बल्कि आने वाले सियासी समीकरणों की दिशा तय करने वाली मानी जा रही है।
इसी बीच राजीव रंजन सिंह ललन सिंह और जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा भी पटना पहुंच चुके हैं। माना जा रहा है कि शाम होते-होते इन नेताओं की अमित शाह के साथ अहम बैठक हो सकती है, जिसमें गठबंधन के अंदर सीट और पदों के संतुलन पर अंतिम मुहर लगेगी।
कल यानी 7 मई को गांधी मैदान में होने वाला भव्य शपथ ग्रहण समारोह इस सियासी हलचल का केंद्र रहेगा। जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 12 बजे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करेंगे, जिसमें नई टीम को शपथ दिलाई जाएगी।
सूत्रों की मानें तो इस विस्तार में बीजेपी कोटे से 12 और जनता दल यूनाइटेड कोटे से 11 नए मंत्री शामिल हो सकते हैं। इसके बाद कैबिनेट का आकार 30 से 32 तक पहुंचने की संभावना है, जबकि जेडीयू के दो पद फिलहाल खाली रखे जा सकते हैं जिसे भविष्य की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
शपथ समारोह को देखते हुए गांधी मैदान और आसपास के इलाकों को हाई सिक्योरिटी ज़ोन में तब्दील कर दिया गया है। प्रशासन इसे सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि शक्ति प्रदर्शन और राजनीतिक संदेश के तौर पर देख रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अमित शाह का यह दौरा बिहार में सत्ता संतुलन और संगठनात्मक मजबूती का बड़ा संकेत है। देर रात होने वाली बैठकों से लेकर कल के शपथ ग्रहण तक, हर कदम पर सियासी नज़रें टिकी हैं। फिलहाल पटना की फिज़ा में आने वाले बड़े राजनीतिक बदलाव की आहट साफ सुनाई दे रही है।







