राजद में बढ़ा सियासी तनाव! MLC सीट को लेकर तेजप्रताप-तेजस्वी आमने-सामने
18 जून को होने वाले विधान परिषद चुनाव को लेकर पार्टी के भीतर लगातार मंथन चल रहा है। सूत्रों की मानें तो पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी अपने बड़े बेटे तेजप्रताप यादव को विधान परिषद भेजने के पक्ष में थीं। वहीं तेजप्रताप भी पिछले कुछ समय से अलग राजनीतिक पहचान बनाने की कोशिश में जुटे हुए हैं। उनके बयानों और गतिविधियों ने पार्टी के अंदर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
दूसरी तरफ नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव संगठन और पार्टी पर अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखने में लगे हैं। माना जा रहा है कि वे पार्टी के भीतर किसी भी तरह के समानांतर नेतृत्व को बढ़ावा देने के पक्ष में नहीं हैं। ऐसे में एमएलसी सीट को लेकर फैसला अब केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि परिवार और संगठन की ताकत से जुड़ा मुद्दा बन गया है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि राजद के भीतर चल रही यह खींचतान आने वाले दिनों में और खुलकर सामने आ सकती है। खासकर ऐसे समय में जब बिहार की राजनीति विधानसभा चुनाव की ओर बढ़ रही है, पार्टी के भीतर एकजुटता बनाए रखना नेतृत्व के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है।
हालांकि अब तक पार्टी की ओर से उम्मीदवार को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन लालू परिवार के भीतर चल रही सियासी हलचल ने बिहार की राजनीति का तापमान जरूर बढ़ा दिया है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि राजद नेतृत्व आखिर किस नाम पर मुहर लगाता है।







