बिहार BJP में सियासी उथल-पुथल: नितिन नवीन का इस्तीफा टला, असम रवाना; स्पीकर प्रेम कुमार दिल्ली तलब, 30 मार्च तक बड़ा फैसला संभव...
BIHAR POLITICAL: बिहार भारतीय जनता पार्टी में सियासी उथल-पुथल तेज हो गई है. पार्टी नेता नितिन नवीन का प्रस्तावित इस्तीफा फिलहाल टल गया है. सूत्रों के मुताबिक, नितिन नवीन को असम के लिए रवाना किया गया है, जिससे संकेत मिलते हैं कि पार्टी नेतृत्व फिलहाल किसी भी जल्दबाजी से बचना चाहता है.

इसी बीच बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार को अचानक दिल्ली तलब किया गया है. माना जा रहा है कि पार्टी हाईकमान राज्य में चल रहे सियासी घटनाक्रम को लेकर सीधे फीडबैक लेना चाहता है. दिल्ली में लगातार बैठकों से यह स्पष्ट है कि संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर बड़ा फैसला जल्द लिया जा सकता है.
इधर, विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार को भी दिल्ली बुलाया गया है. वो सुबह 10 बजे दिल्ली के लिए निकल गए। प्रेम कुमार शनिवार की रात ही दिल्ली से पटना पहुंचे थे. उन्होंने बताया कि 'दिल्ली में कुछ कार्यक्रम था, जिसके लिए मैं गया था. रार्ष्टीय अध्यक्ष ने मुझे इस्तीफे की जानकारी दी तो मैं आ गया. लेकिन किसी इमरजेंसी के कारण बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष असम रवाना हो गए. अब जल्द ही जो तारीख निर्धारित होगी, उसमें इस्तीफा होगा.'

हाल ही में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं. अब वे संवैधानिक प्रक्रिया के तहत विधायक पद से इस्तीफा देंगे. बांकीपुर विधानसभा के पिछले 5 बार विधायक रहे हैं. नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद बांकीपुर सीट पर उपचुनाव की संभावना भी बन सकती है, जिस पर राजनीतिक दलों की नजर रहेगी.
सूत्रों का कहना है कि 30 मार्च तक मुख्यमंत्री और BJP रार्ष्टीय अध्यक्ष से इस्तीफा लिए जाने की डेडलाइन तय की गई है. इस समयसीमा ने बिहार की राजनीति में हलचल और तेज कर दी है. पार्टी के भीतर नेतृत्व परिवर्तन और संगठनात्मक फेरबदल की चर्चाएं खुलकर सामने आ रही हैं.
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, मौजूदा स्थिति केवल एक इस्तीफे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बिहार BJP में पावर बैलेंस और कंट्रोल से जुड़ा बड़ा मसला बन चुका है. आने वाले 48 से 72 घंटे बिहार की राजनीति के लिहाज से बेहद अहम माने जा रहे हैं. पिछले कुछ समय से बिहार BJP में नेतृत्व और संगठनात्मक संतुलन को लेकर मतभेद की खबरें सामने आती रही हैं. नितिन नवीन के इस्तीफे की अटकलों को इसी कड़ी में देखा जा रहा है. पार्टी हाईकमान अब स्थिति को सीधे अपने स्तर से नियंत्रित करने के मूड में है.
कानूनी स्थिति क्या कहती है?
बिहार विधानसभा की नियमावली के अनुसार, यदि कोई विधायक राज्यसभा या विधान परिषद के लिए निर्वाचित होता है तो उसे 14 दिनों के भीतर विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देना अनिवार्य होता है. गौरतलब है कि 16 मार्च को नीतीश कुमार, नितिन नवीन, उपेंद्र कुशवाहा और रामनाथ ठाकुर राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। ऐसे में 30 मार्च को इस्तीफा देने की अंतिम तिथि मानी जा रही है.







