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बांकीपुर उपचुनाव में गरमाई सियासत: शिवानंद तिवारी का बड़ा बयान- ‘दिल्ली का बदला पटना में लेंगे’, युवाओं से BJP को सबक सिखाने की अपील

 
बांकीपुर उपचुनाव में गरमाई सियासत: शिवानंद तिवारी का बड़ा बयान- ‘दिल्ली का बदला पटना में लेंगे’, युवाओं से BJP को सबक सिखाने की अपील

Bihar news: दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के दौरान युवाओं पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज का मुद्दा अब बिहार की सियासत में भी तूल पकड़ता जा रहा है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने इस मामले को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को सियासी जवाब देने का मौका बताया है। उन्होंने युवाओं से भाजपा को चुनाव में सबक सिखाने की अपील की है।

शिवानंद तिवारी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा, ‘दिल्ली का बदला पटना में लेंगे।’ उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे युवाओं को दबाने के लिए बल प्रयोग किया गया। राजद नेता ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय बताते हुए कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में युवा दिल्ली के प्रदर्शन के समर्थन में आवाज उठा रहे हैं।

‘बांकीपुर उपचुनाव सरकार को जवाब देने का मौका’

राजद नेता ने अपने बयान में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर भी युवाओं से खास अपील की। उन्होंने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण की धरती पर बिहार के युवाओं के सामने सरकार को जवाब देने का महत्वपूर्ण अवसर है। उनके मुताबिक, बांकीपुर का उपचुनाव महज एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं है, बल्कि इसके जरिए जनता लोकतंत्र और जनमत की ताकत का संदेश दे सकती है।

शिवानंद तिवारी ने लोगों से अपील की कि वे एकजुट होकर चुनाव में भाजपा को भारी मतों से हराएं। उन्होंने कहा कि चुनाव के जरिए यह संदेश दिया जाना चाहिए कि लोकतंत्र दमन से नहीं, बल्कि जनता की सहमति और जनमत से चलता है।

30 जुलाई को वोटिंग, 3 अगस्त को आएगा परिणाम

बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को मतदान होना है, जबकि 3 अगस्त को मतगणना होगी। इस चुनाव को भाजपा के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। पार्टी ने इस सीट से नीरज सिन्हा को उम्मीदवार बनाया है। वहीं जन सुराज की ओर से प्रशांत किशोर और राजद की ओर से रेखा गुप्ता मैदान में हैं।

दिल्ली के प्रदर्शन से जुड़े मुद्दे को बांकीपुर उपचुनाव से जोड़कर राजद ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है। अब देखना होगा कि शिवानंद तिवारी की यह अपील चुनावी मैदान में कितना असर डालती है और क्या दिल्ली का मुद्दा बांकीपुर के मतदाताओं के बीच बड़ा चुनावी मुद्दा बन पाता है।