प्रशांत किशोर को कोर्ट का नोटिस, भाजपा सांसद संजय जायसवाल के मानहानि केस में पेश होने का आदेश
सांसद डॉ. संजय जायसवाल की ओर से दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि प्रशांत किशोर ने सार्वजनिक मंचों से उनके खिलाफ कई आपत्तिजनक और मानहानिकारक टिप्पणियां की थीं। शिकायत के अनुसार, सितंबर 2025 में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सांसद के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था, जिससे उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचा।
याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि अगस्त 2025 में एक जनसभा के दौरान बेतिया फ्लाईओवर परियोजना के अलाइनमेंट को लेकर भी सांसद पर निजी हित साधने के आरोप लगाए गए थे। सांसद का दावा है कि इन बयानों ने न केवल उनकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को प्रभावित किया, बल्कि उनके परिवार की सामाजिक छवि को भी ठेस पहुंचाई।
सांसद के अधिवक्ता चंद्रिका कुशवाहा ने बताया कि न्यायालय ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद मामले को विचारणीय मानते हुए नोटिस जारी किया है। अब आगामी सुनवाई में प्रशांत किशोर को अदालत के समक्ष अपना पक्ष प्रस्तुत करना होगा।
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब बिहार की राजनीति में प्रशांत किशोर और भाजपा के बीच बयानबाजी लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है। अदालत की कार्यवाही शुरू होने के बाद इस विवाद ने राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया है।
अब सभी की नजरें अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां प्रशांत किशोर का पक्ष सामने आने के बाद मामले की आगे की दिशा तय होगी। राजनीतिक हलकों में भी इस कानूनी टकराव को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।







