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तेजस्वी यादव की 5 दिन की गैरहाजिरी पर उठे सवाल, RJD विधायक भी नहीं बता सके ठिकाना

Bihar Politics: विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव लगातार पांच दिन तक सदन से अनुपस्थित रहे, जिसके बाद उनकी गैरमौजूदगी राज्य की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन गई. सत्ता पक्ष ने विधानसभा के भीतर और बाहर इस पर सवाल उठाए, जबकि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेताओं की ओर से अलग-अलग जवाब सामने आए.
 
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Bihar Politics: बिहार विधानसभा के पांच दिवसीय मानसून सत्र का समापन हो गया, लेकिन बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव लगातार पांच दिन तक सदन से अनुपस्थित रहे, जिसके बाद उनकी गैरमौजूदगी राज्य की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन गई. सत्ता पक्ष ने विधानसभा के भीतर और बाहर इस पर सवाल उठाए, जबकि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेताओं की ओर से अलग-अलग जवाब सामने आएबिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव लगातार पांच दिन तक सदन से अनुपस्थित रहे, जिसके बाद उनकी गैरमौजूदगी राज्य की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन गई. सत्ता पक्ष ने विधानसभा के भीतर और बाहर इस पर सवाल उठाए, जबकि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेताओं की ओर से अलग-अलग जवाब सामने आए. 

तेजस्वी यादव की ये दुर्गति क्‍यों हुई, इन 5 कारणों पर गौर करिए - Major  Reasons behind Tejashwi yadav rjd Defeat in Bihar Assembly Election Results  opns2 - AajTak

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विधानसभा में स्पीकर से नेता प्रतिपक्ष के बारे में जानकारी देने की मांग की. भाजपा नेताओं ने भी तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति को लेकर सरकार पर नहीं, बल्कि विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक मुद्दा बनाया.

वहीं, RJD नेताओं के बयानों में एकरूपता नहीं दिखी. कुछ नेताओं ने कहा कि तेजस्वी यादव दिल्ली में अपने पिता लालू प्रसाद यादव के स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिए मौजूद हैं, जबकि कुछ अन्य नेताओं ने दावा किया कि वह विदेश यात्रा पर हैं और जल्द लौट सकते हैं. इन अलग-अलग बयानों के कारण उनकी गैरमौजूदगी को लेकर अटकलें और तेज हो गईं.

इस बीच, दिल्ली के जंतर-मंतर और बिहार में छात्रों के समर्थन में विपक्षी दल सक्रिय रहे. RJD, कांग्रेस और वामदलों के विधायक विरोध मार्च में शामिल हुए, लेकिन तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति लगातार चर्चा का विषय बनी रही. पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि उनकी गैरमौजूदगी से आंदोलन प्रभावित नहीं होगा और कार्यकर्ता व विधायक अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं.

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विधानसभा में स्पीकर से नेता प्रतिपक्ष के बारे में जानकारी देने की मांग की. भाजपा नेताओं ने भी तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति को लेकर सरकार पर नहीं, बल्कि विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक मुद्दा बनाया.

वहीं, RJD नेताओं के बयानों में एकरूपता नहीं दिखी. कुछ नेताओं ने कहा कि तेजस्वी यादव दिल्ली में अपने पिता लालू प्रसाद यादव के स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिए मौजूद हैं, जबकि कुछ अन्य नेताओं ने दावा किया कि वह विदेश यात्रा पर हैं और जल्द लौट सकते हैं. इन अलग-अलग बयानों के कारण उनकी गैरमौजूदगी को लेकर अटकलें और तेज हो गईं.

इस बीच, दिल्ली के जंतर-मंतर और बिहार में छात्रों के समर्थन में विपक्षी दल सक्रिय रहे. RJD, कांग्रेस और वामदलों के विधायक विरोध मार्च में शामिल हुए, लेकिन तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति लगातार चर्चा का विषय बनी रही. पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि उनकी गैरमौजूदगी से आंदोलन प्रभावित नहीं होगा और कार्यकर्ता व विधायक अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं.