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बिहार पर ध्यान गड़ाए हैं राहुल गांधी, 11 जुलाई को युवाओं के साथ करेंगे संवाद

 
बिहार पर ध्यान गड़ाए हैं राहुल गांधी, 11 जुलाई को युवाओं के साथ करेंगे संवाद

Patna News:,बिहार में विधानसभा चुनावों का शोर भले ही थम चुका हो और राज्य चुनावी मोड से बाहर निकल आया हो, लेकिन यहां की राजनीतिक तपिश अब भी चरम पर है. देश के सबसे अधिक युवा आबादी वाले इस राज्य में रोजगार की कमी और लगातार होते पेपर लीक के मामलों ने युवाओं को त्राहिमाम करने पर मजबूर कर दिया है. अपने करियर और भविष्य के लिए भटक रहे इन युवाओं के दर्द को आवाज देने और उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने के लिए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी एक बार फिर बिहार की धरती पर कदम रखने जा रहे हैं.

युवाओं को सीधे पार्टी से जोड़ने और उनकी समस्याओं को उठाने के लिए राहुल गांधी आगामी 11 जुलाई को पटना पहुंच रहे हैं. सदाकत आश्रम में उनके इस बेहद महत्वपूर्ण बिहार दौरे की तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं. इस दौरे के मुख्य केंद्र में राज्य के युवा होंगे, जिसके तहत पटना के बापू सभागार में एक भव्य 'छात्र संवाद कार्यक्रम' का आयोजन किया जा रहा है. इस कार्यक्रम में बिहार के विभिन्न जिलों से तकरीबन 10,000 छात्रों के शामिल होने की संभावना है, जिन्हें इस ऐतिहासिक संवाद का हिस्सा बनने के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया जा रहा है.

राहुल गांधी के लिए बिहार सिर्फ एक राज्य नहीं, बल्कि एक बड़ा सियासी बैटलफील्ड बन चुका है, यही वजह है कि चुनाव संपन्न होने के बाद भी उनकी सक्रियता यहां कम नहीं हुई है. साल 2025 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राहुल गांधी ने राज्य में ताबड़तोड़ रैलियां की थीं, जिसमें सिर्फ जून 2025 तक (महज 5 महीनों में) उन्होंने 5 बार बिहार का दौरा किया था. इसके बाद अगस्त–सितंबर 2025 में उन्होंने 'वोटर अधिकार यात्रा' के तहत 16 दिनों में 20 से अधिक जिलों की खाक छानी थी. अब कांग्रेस इस आगामी दौरे को युवाओं, रोजगार, परीक्षा में धांधली और मतदाता अधिकार जैसे ज्वलंत मुद्दों से जोड़कर राज्यव्यापी आंदोलन में बदलने की तैयारी कर रही है.

कांग्रेस हाल के महीनों में देशभर में पेपर लीक, परीक्षा अनियमितता और बेरोजगारी के मुद्दे पर राष्ट्रव्यापी आंदोलन चलाने की तैयारी में है. इसी कड़ी में राहुल गांधी उत्तर भारत के राज्यों में युवाओं के बीच पहुंचने की रणनीति पर काम कर रहे हैं. 10 जुलाई को प्रयागराज में भी उनका कार्यक्रम प्रस्तावित है, जहां युवाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की योजना है. 11 जुलाई को राहुल गांधी पटना में छात्रों के साथ संवाद करेंगे. 14 जून जुलाई को दिल्ली और 17 जुलाई को कोटा में राहुल गांधी छात्रों के साथ संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे.

बिहार में भी कांग्रेस युवा मतदाताओं और प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों को साधने की कोशिश कर रही है. बिहार भर के युवाओं को कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित भी किया जा रहा है. राज्य लंबे समय से पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर चर्चा में रहा है. पिछले दिनों छात्रों पर हुए लाठी चार्ज को लेकर भी राजनीतिक दल बिहार सरकार पर हमलावर हैं. आगामी 11 जुलाई के कार्यक्रम में यदि राहुल गांधी रोजगार, पेपर लीक और मतदाता अधिकार के मुद्दों को एक साथ जोड़ते हैं, तो यह साफ संकेत होगा कि कांग्रेस बिहार में युवाओं और प्रथम बार वोट देने वाले मतदाताओं को केंद्र में रखकर लंबी राजनीतिक लड़ाई की तैयारी कर रही है. आने वाले महीनों में यह अभियान बिहार से निकलकर दूसरे राज्यों में भी दिखाई दे सकता है.

बिहार प्रदेश के कांग्रेस प्रवक्ता पंकज यादव ने कहा कि बिहार में सरकार ने एक करोड़ युवाओं को 5 साल में रोजगार देने का वादा किया था. इस हिसाब से 6 महीने में 10 लाख लोगों को रोजगार मिलना चाहिए था, लेकिन रोजगार के नाम पर युवाओं के ऊपर लाठियां बरसाए जा रहे हैं. इसके अलावा नीट प्रश्न पत्र लीक मामले को भी राहुल गांधी जोर शोर से उठा रहे हैं. प्रश्न पत्र लीक से बिहार के छात्र सबसे ज्यादा प्रभावित हैं. हालत यह है कि छात्र आत्महत्या कर रहे हैं. केंद्र और बिहार सरकार को उनकी जरा सी भी चिंता नहीं है.

बहरहाल, कांग्रेस को यह पता है कि दिल्ली की सत्ता में वापसी तभी संभव है जब बिहार मजबूत होगा. बिहार तभी मजबूत होगा जब युवाओं का साथ कांग्रेस को मिलेगा. राहुल गांधी बेरोजगारी, पलायन और सरकारी नौकरियों के मुद्दे पर बिहार सरकार और केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश करेंगे. इसके अलावा कांग्रेस बिहार में अपनी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान मजबूत करना चाहती है. युवाओं को केंद्र में रखकर कांग्रेस पार्टी रोजगार, भर्ती और पेपर लीक जैसे मुद्दों को राष्ट्रीय विमर्श का मुद्दा बनाए रखना चाहती है. वैसे बिहार में राजद के कमजोर पड़ने पर कांग्रेस उस वैक्यूम को पूरा करना चाहेगी, इसलिए कांग्रेस ने बिहार में अपने पिछले प्रदर्शन को आगे बढ़ाकर युवाओं के साथ कनेक्ट करने की कोशिश कर रही है. चुनाव बाद राजद ने किसी बड़े प्रदर्शन में हिस्सा नहीं लिया है, लेकिन कांग्रेस उस कमी को दूर करके माइलेज लेना चाहेगी. राहुल गांधी की नजर बिहार के युवाओं और उनकी होप पर है. देखना ये है कि कांग्रेस अपने उद्देश्य में कितना सफल हो पाती है.