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राम कृपाल यादव बने सहकारिता मंत्री: सहकारिता से रोजगार और आत्मनिर्भरता पर विभागीय कार्य योजना पर समीक्षा

Patna: माननीय मंत्री ने विभाग की भावी प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि पैक्सों को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के बहुआयामी केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। कृषि इनपुट, भंडारण, खाद्य प्रसंस्करण, विपणन एवं अन्य व्यवसायिक गतिविधियों को पैक्सों से जोड़कर स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएंगे.
 
PATNA BIHAR

Patna: आज दिनांक 08.05.2026 को माननीय राम कृपाल यादव ने सहकारिता विभाग के मंत्री पद का औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण किया. इस अवसर पर विभाग के सचिव श्री धर्मेन्द्र सिंह, निबंधक सहयोग समितियाँ श्री रजनीश कुमार सिंह, अपर सचिव श्री अभय कुमार सिंह, वेजफेड के प्रबंध निदेशक डॉ. गगन, बिहार राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री मनोज कुमार सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर मंत्री का स्वागत किया.

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पदभार ग्रहण करने के बाद माननीय मंत्री ने विभागीय अधिकारियों के साथ प्रारंभिक समीक्षा बैठक की, जिसमें सहकारिता विभाग की प्राथमिकताओं और भावी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई.

इस अवसर पर माननीय मंत्री ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में सहकारिता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. सहकारिता न केवल आर्थिक विकास का माध्यम है, बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण का प्रभावी जरिया भी है. उन्होंने कहा कि सहकारी संस्थाओं को मजबूत बनाकर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित किए जा सकते हैं और किसानों, महिलाओं व युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है.

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माननीय मंत्री ने बताया कि सहकारिता विभाग के माध्यम से सहकारी समितियों का निबंधन और संचालन का अनुश्रवण, सहकारी बैंकों के जरिए कृषि व गैर-कृषि ऋण व्यवस्था, तथा खाद्यान्न अधिप्राप्ति के जरिए किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलाना सरकार की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है. राज्य सरकार का उद्देश्य है कि सहकारी संस्थाओं के जरिए किसानों और ग्रामीण उत्पादकों को उचित मूल्य और बेहतर बाजार उपलब्ध कराया जाए.

विभाग की भावी प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि पैक्स (प्राथमिक कृषि साख समितियों) को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के बहुआयामी केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा. कृषि इनपुट, भंडारण, खाद्य प्रसंस्करण, विपणन और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को पैक्स से जोड़कर स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएंगे. उन्होंने कहा कि पैक्स सहकारिता व्यवस्था की सबसे मजबूत कड़ी हैं और इनके सर्वांगीण विकास के लिए विशेष पहल की जाएगी.