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RJD विधायक का सरकार पर तंज! अस्पताल में इलाज नहीं, भूसा और कुत्तों का डेरा; जनता दरबार में लगाई गुहार

 
RJD विधायक का अपनी ही सरकार पर तंज! अस्पताल में इलाज नहीं, भूसा और कुत्तों का डेरा; जनता दरबार में लगाई गुहार
Bihar Political News: बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। इस बार विपक्ष के एक विधायक ने अपनी शिकायत सीधे जनता दरबार में पहुंचकर दर्ज कराई। राजद विधायक बोगो सिंह बुधवार को जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के प्रदेश कार्यालय पहुंचे और स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के जनता दरबार में अपने क्षेत्र के अस्पताल की बदहाल स्थिति का मुद्दा उठाया।

जनता दरबार में अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बोगो सिंह ने कहा कि वह पहले भी स्वास्थ्य विभाग गए थे, लेकिन मंत्री से मुलाकात नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि अस्पताल की दुर्दशा से परेशान होकर उन्हें यहां आना पड़ा।

मां के नाम पर दान की थी करोड़ों की जमीन

राजद विधायक ने बताया कि वर्ष 2014-15 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सहमति से उन्होंने अपनी मां के नाम पर गांव में छह बेड वाले अस्पताल के निर्माण के लिए करीब दो करोड़ रुपये मूल्य की जमीन दान दी थी। अस्पताल का निर्माण शुरू भी हुआ, लेकिन समय के साथ परियोजना अधूरी रह गई और आज उसकी हालत बेहद खराब हो चुकी है।

‘अस्पताल में मरीज नहीं, भूसा रखा जा रहा है’

बोगो सिंह ने आरोप लगाया कि जिस अस्पताल को ग्रामीणों के इलाज के लिए बनाया गया था, वहां आज स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल भवन में इलाज के बजाय भूसा रखा जा रहा है और परिसर में कुत्तों का डेरा लगा रहता है।

उन्होंने तीखे अंदाज में सवाल उठाते हुए कहा, “सरकार बने छह महीने हो चुके हैं, लेकिन अस्पताल की स्थिति नहीं बदली। क्या यही सुशासन की सरकार है?”

स्वास्थ्य व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

विधायक ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव लगातार राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते रहे हैं और वह भी उसी मुद्दे को लेकर जनता दरबार पहुंचे हैं। उनका कहना था कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की वास्तविक स्थिति सरकार के दावों से काफी अलग है।

स्वास्थ्य मंत्री ने दिया कार्रवाई का भरोसा

वहीं, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने विधायक की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि अस्पताल की स्थिति की समीक्षा कर उचित कदम उठाए जाएंगे।

राजद विधायक की यह शिकायत अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है। ऐसे में देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में कितनी जल्दी कार्रवाई करता है और वर्षों से उपेक्षित पड़े अस्पताल को फिर से ग्रामीणों के लिए चालू कर पाता है या नहीं।