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बिहार चुनाव से पहले राजद का मास्टरस्ट्रोक! 50 सीटों पर उम्मीदवार तय, लालू यादव लगाएंगे अंतिम मुहर

 
बिहार चुनाव से पहले राजद का मास्टरस्ट्रोक! 50 सीटों पर उम्मीदवार तय, लालू यादव लगाएंगे अंतिम मुहर

Patna Desk: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सुगबुगाहट तेज़ हो चुकी है। चुनाव आयोग कभी भी तारीखों का ऐलान कर सकता है, लेकिन उससे पहले ही राजनीतिक दलों के अंदर बैठकों और रणनीतियों का दौर तेज़ हो गया है। इसी कड़ी में बड़ी खबर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) से सामने आ रही है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी ने करीब 50 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवारों के नाम तय कर दिए हैं और उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में प्रचार-प्रसार की अनुमति भी दे दी है।

हालांकि, अभी तक पार्टी ने उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची जारी नहीं की है। बताया जा रहा है कि ये सभी सीटें राजद के पारंपरिक वोट बैंक—मुस्लिम, यादव और रविदास समुदाय वाले क्षेत्रों में आती हैं। ये वही इलाक़े हैं जहां 1990 के दशक से लालू प्रसाद यादव का प्रभाव मज़बूती से कायम रहा है।

लालू यादव की ‘अंतिम मुहर’ बाकी

भले ही तेजस्वी यादव संगठन और प्रचार की कमान संभाले हुए हैं, लेकिन उम्मीदवारों की सूची पर अंतिम मुहर लालू प्रसाद यादव की ही लगती है। स्वास्थ्य कारणों से वे इस बार सक्रिय प्रचार में नहीं उतरेंगे, मगर रणनीतिक फैसलों में उनकी भूमिका अहम मानी जा रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, तेजस्वी रोज़ाना उम्मीदवारों से संवाद कर रहे हैं और हर सीट के लिए संगठनात्मक रिपोर्ट सीधे लालू यादव तक पहुंचाई जा रही है।

130 सीटों पर लड़ने की तैयारी

राजद इस बार करीब 130 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है। यह गठबंधन के अंदर उसकी प्रमुख स्थिति को भी रेखांकित करता है। बाकी 80 सीटों पर अभी मंथन जारी है, जिनमें कई सीटें सहयोगी दलों के तालमेल और आंतरिक दावेदारों के टकराव की वजह से अटकी हैं।

इन जिलों में सक्रिय हुए संभावित उम्मीदवार

पार्टी सूत्रों का कहना है कि जिन 50 सीटों पर नाम तय किए गए हैं, उनमें पटना, गया, आरा, नवादा, बेगूसराय, सीवान, समस्तीपुर, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, मधुबनी और बक्सर जैसे ज़िले शामिल हैं। रफीगंज, मनेर, मसौढ़ी, बख्तियारपुर, उजियारपुर, दरभंगा ग्रामीण, जहानाबाद, इस्लामपुर और परबत्ता जैसी सीटों पर प्रत्याशी मैदान में सक्रिय हो चुके हैं। कई जगहों पर इन संभावित उम्मीदवारों ने जनसंपर्क अभियान भी शुरू कर दिया है।

एनडीए की लिस्ट पर नज़र

राजद की रणनीति टीम एनडीए की संभावित सूची पर भी पैनी नज़र रखे हुए है। पार्टी का मानना है कि विपक्षी उम्मीदवारों की ताकत को भांपकर प्रत्याशियों का चयन करना अधिक प्रभावी रहेगा।

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि राजद का यह शुरुआती कदम महागठबंधन के अंदर उसकी “लीडिंग पार्टी” की स्थिति को और मजबूत करता है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि लालू यादव कब इस सूची पर अपनी अंतिम स्वीकृति देते हैं — और यह सूची बिहार की सियासत में क्या नया समीकरण खड़ा करती है।