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शंभू गर्ल्स हॉस्टल केस: CBI की क्लोजर रिपोर्ट पर रोहिणी आचार्य ने उठाए सवाल, पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग

पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही जहानाबाद की छात्रा की संदिग्ध मौत और कथित दुष्कर्म मामले में सीबीआई की ओर से क्लोजर रिपोर्ट दाखिल किये जाने पर सारण लोकसभा क्षेत्र की पूर्व प्रत्याशी डॉ. रोहिणी आचार्य ने सवाल उठाये हैं.
 
रोहिणी आचार्य

 

 

पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही जहानाबाद की छात्रा की संदिग्ध मौत और कथित दुष्कर्म मामले में सीबीआई की ओर से क्लोजर रिपोर्ट दाखिल किए जाने पर सियासत तेज हो गई है। सारण की पूर्व लोकसभा प्रत्याशी डॉ. रोहिणी आचार्य ने जांच एजेंसी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल पाने पर चिंता जताई है।

राजद के पूर्व जिला प्रवक्ता हरेलाल यादव की ओर से जारी बयान में रोहिणी आचार्य ने कहा कि छात्रा के कपड़ों पर कथित तौर पर शुक्राणु मिलने और उसके शरीर पर चोट के निशान होने की बात सामने आने के बावजूद आठ महीने की जांच के बाद केस बंद करने की रिपोर्ट दाखिल करना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने इसे जांच में नाकामी और लापरवाही का मामला बताया।

रोहिणी आचार्य ने कहा कि जांच के दौरान सीबीआई ने करीब 30 लोगों का डीएनए परीक्षण कराया था। वहीं, जांच से जुड़े चार अधिकारियों का तबादला भी हुआ। इसके बावजूद छात्रा की मौत के मामले में परिजनों को न्याय नहीं मिल सका। उन्होंने सवाल उठाया कि जब जांच के दौरान कई अहम तथ्य सामने आए, तो मामले की तह तक पहुंचने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय क्लोजर रिपोर्ट क्यों दाखिल की गई?

उन्होंने कहा कि इस तरह के गंभीर मामले में न्याय नहीं मिलना आम लोगों के बीच जांच एजेंसियों और कानून-व्यवस्था को लेकर भरोसे पर असर डाल सकता है। रोहिणी आचार्य ने मामले की जांच के निष्कर्षों पर सवाल उठाते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की जरूरत पर जोर दिया।

गौरतलब है कि सीबीआई ने मंगलवार को पटना की अदालत में इस मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी। रिपोर्ट विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) राजीव रंजन रमन की अदालत में पेश की गई। अदालत ने शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर रिपोर्ट पर आपत्ति दर्ज कराने और अपना पक्ष रखने का अवसर दिया है। अब इस मामले में अदालत की आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।