विधान परिषद चुनाव में शक्ति प्रदर्शन, NDA के 9 उम्मीदवारों ने भरा पर्चा; महागठबंधन ने भी झोंकी ताकत
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की ओर से सभी 9 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किया। इनमें भाजपा और जदयू के चार-चार प्रत्याशी शामिल हैं, जबकि एक उम्मीदवार लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की ओर से मैदान में उतारा गया है। नामांकन के बाद एनडीए नेताओं ने एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए जीत का भरोसा जताया।
नामांकन प्रक्रिया के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार की मौजूदगी भी चर्चा का विषय बनी रही। वहीं भोजपुरी फिल्म जगत के चर्चित अभिनेता और गायक पवन सिंह के चुनावी मैदान में उतरने से राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया।
दूसरी तरफ महागठबंधन की ओर से राजद उम्मीदवार सुनील सिंह ने नामांकन दाखिल कर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। हालांकि विधानसभा में मौजूदा संख्या बल को देखते हुए एनडीए की स्थिति काफी मजबूत मानी जा रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि परिषद की एक सीट जीतने के लिए करीब 25 विधायकों के समर्थन की जरूरत होती है। मौजूदा समीकरणों के आधार पर एनडीए को अधिकांश सीटों पर बढ़त हासिल है, जबकि बाकी सीटों पर भी गठबंधन का पलड़ा भारी नजर आ रहा है।
अब सबकी नजर नामांकन वापसी की प्रक्रिया पर टिकी है। यदि उम्मीदवारों की संख्या उपलब्ध सीटों से अधिक रहती है तो 18 जून को मतदान होगा, जबकि सीटों के बराबर उम्मीदवार रहने की स्थिति में कई प्रत्याशियों का निर्विरोध निर्वाचन संभव माना जा रहा है।
फिलहाल विधान परिषद चुनाव को लेकर बिहार की राजनीति पूरी तरह सक्रिय है और सभी दल अपने-अपने राजनीतिक समीकरण मजबूत करने में जुटे हुए हैं।







