मां के आंगन में लौटा बिछड़ा बेटा: तेज प्रताप की एंट्री ने लालू परिवार की सियासत में मचाई हलचल
Bihar political update: नया साल 2026 लालू परिवार के लिए सिर्फ तारीख बदलने का मौका नहीं रहा, बल्कि यह दिन भावनाओं, रिश्तों और राजनीति के जटिल ताने-बाने में एक नई हलचल लेकर आया। सात महीने पहले जिस तेज प्रताप यादव को पार्टी और परिवार की सीमाओं से बाहर कर दिया गया था, वही तेज प्रताप 1 जनवरी को अचानक 10 सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी देवी के आवास पर नजर आए। इस एक मुलाकात ने बिहार की सियासत में कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
मई 2025 में वायरल हुई तस्वीरों के बाद आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने कड़ा फैसला लेते हुए तेज प्रताप को पार्टी से छह साल के लिए बाहर कर दिया था। इसके साथ ही उन्हें राबड़ी आवास छोड़ने का भी निर्देश मिला था। उस वक्त तेजस्वी यादव ने भी इस निर्णय का समर्थन किया था। इसके बाद तेज प्रताप के सोशल मीडिया पोस्टों में अलगाव, पीड़ा और बगावती तेवर साफ दिखते रहे।
लेकिन 1 जनवरी 2026 को माहौल बदला हुआ दिखा। राबड़ी देवी के जन्मदिन के मौके पर तेज प्रताप बिना किसी राजनीतिक शोर के आवास पहुंचे। न लालू यादव वहां मौजूद थे और न ही तेजस्वी यादव। मां और बेटे ने साथ बैठकर केक काटा। यह दृश्य पूरी तरह भावनात्मक था, जिसमें राजनीति पीछे छूटती नजर आई।
मुलाकात के बाद तेज प्रताप ने मीडिया से कहा कि वे सिर्फ मां से मिलने आए थे। उनकी आवाज में भावुकता साफ झलक रही थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर मां को परिवार की “आत्मा” बताते हुए लिखा कि जब भगवान हर जगह नहीं हो सकते, तो वे मां के रूप में धरती पर आते हैं। यह शब्द एक नेता से ज्यादा एक बेटे की भावना को दर्शाते हैं।
हालांकि इस पूरे घटनाक्रम में सियासी चुप्पियां भी बहुत कुछ कह रही हैं। पिता दिल्ली में हैं, भाई देश से बाहर। सवाल यह नहीं है कि तेज प्रताप मां से मिलने आए, बल्कि बड़ा सवाल यह है कि क्या यह मुलाकात आने वाले समय में लालू परिवार की राजनीति में सुलह का संकेत है, या फिर यह सिर्फ मां-बेटे के रिश्ते तक सीमित एक भावुक पल बनकर रह जाएगी।
फिलहाल, नए साल के पहले ही दिन यह मुलाकात बिहार की राजनीति में चर्चाओं का नया दौर शुरू कर चुकी है।







