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तेजस्वी यादव का सरकार पर हमला, मंत्री लखींद्र पासवान पर पत्रकार को फंसाने का आरोप; कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

 
तेजस्वी यादव का सरकार पर हमला, मंत्री लखींद्र पासवान पर पत्रकार को फंसाने का आरोप; कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

 

 

 

Bihar political News: बिहार की राजनीति में एक बार फिर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव बढ़ता दिख रहा है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने वैशाली के एक यूट्यूबर पत्रकार से जुड़े मामले को लेकर बिहार सरकार, पुलिस प्रशासन और मंत्री लखींद्र पासवान पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि मंत्री के कथित दबाव में पत्रकार के खिलाफ कार्रवाई की गई और उसे झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजा गया।

तेजस्वी यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बिहार में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। उनके मुताबिक, फर्जी मुकदमे, कथित फर्जी एनकाउंटर और लोगों को मामलों में फंसाने जैसे आरोप गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने दावा किया कि ऐसी घटनाओं से आम लोगों का पुलिस व्यवस्था पर भरोसा कमजोर हो रहा है।

पत्रकार ने सुनाई पूरी कहानी

तेजस्वी यादव ने जिस मामले को उठाया, उसमें संबंधित यूट्यूबर पत्रकार ने पुलिस कार्रवाई को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। पत्रकार के मुताबिक, 19 तारीख की रात पुलिस उसके घर पहुंची और उसके साथ कथित तौर पर बदसलूकी की गई। उसने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उसकी मां और बहन के साथ भी अभद्र व्यवहार किया और उसे जबरन थाने ले जाया गया।

पत्रकार का दावा है कि रास्ते में उसके साथ मारपीट की गई। इसके बाद उसे दूसरे थाना क्षेत्र में ले जाकर हिरासत में रखा गया। उसने आरोप लगाया कि उस पर अलग-अलग मामलों में नाम जोड़ने या उसके घर से हथियार बरामद होने की बात स्वीकार करने का दबाव बनाया गया।

सड़क की समस्या पर वीडियो बनाने से नाराजगी का आरोप

पत्रकार ने अपने बयान में स्थानीय नेता और मंत्री लखींद्र पासवान का भी नाम लिया है। उसके अनुसार, वह अपने विधानसभा क्षेत्र में सड़क की समस्या को लेकर वीडियो बना रहा था। इसी वजह से मंत्री कथित तौर पर उससे नाराज थे।

पत्रकार का आरोप है कि इसी नाराजगी के चलते पुलिस पर दबाव बनाया गया और उसके खिलाफ मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मंत्री या संबंधित पुलिस अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है।

कोर्ट से रिहाई का किया दावा

यूट्यूबर पत्रकार के मुताबिक, जेल भेजे जाने के बाद उसने अदालत का रुख किया। उसका दावा है कि कोर्ट के समक्ष मामला रखने के बाद उसे बॉन्ड पेपर पर रिहा कर दिया गया। इसी आधार पर उसने पूरे मामले को कथित तौर पर फर्जी कार्रवाई बताया है।

तेजस्वी यादव ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि पुलिस पर राजनीतिक दबाव डालकर कार्रवाई कराने के आरोप सही हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

थाना प्रभारी और डीएसपी पर कार्रवाई की मांग

आरजेडी नेता ने संबंधित थाना प्रभारी और डीएसपी के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि मामले में दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो उनकी पार्टी आंदोलन करेगी। जरूरत पड़ने पर वैशाली बंद कराने की भी चेतावनी दी गई।

तेजस्वी ने मंत्री लखींद्र पासवान से जुड़े विधानसभा के एक पुराने विवाद का भी जिक्र किया और सवाल उठाया कि उस मामले में कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

‘पुलिस पर जनता का भरोसा कमजोर हो रहा’

तेजस्वी यादव ने कहा कि पुलिस के खिलाफ लगातार शिकायतें सामने आने से लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को ऐसे मामलों में राजनीतिक हस्तक्षेप की शिकायतों की गंभीरता से जांच करानी चाहिए।

उन्होंने जाले से जुड़े एक अन्य मामले का उल्लेख करते हुए भी सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए और पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर चिंता जताई।

आरोपों पर सरकार का पक्ष आना बाकी

तेजस्वी यादव के इन आरोपों के बाद बिहार की सियासत में एक बार फिर पुलिस व्यवस्था और सत्ता के कथित हस्तक्षेप को लेकर बहस तेज हो सकती है। हालांकि, मंत्री लखींद्र पासवान, बिहार सरकार और संबंधित पुलिस अधिकारियों की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है। ऐसे में पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर जांच और संबंधित पक्षों के बयान के बाद ही स्पष्ट होगी।