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महंगे पेट्रोल-डीजल को लेकर तेजस्वी यादव का बड़ा बयान, बोले- आम आदमी की कमर टूट रही

Bihar Politics: तेजस्वी यादव ने अपने बयान में कहा कि जब वैश्विक बाजार में क्रूड ऑयल सस्ता था तब भी आम लोगों को राहत नहीं मिली और अब भी तेल कंपनियों को फायदा पहुंचाने की नीति जारी है. उन्होंने आरोप लगाया कि 2014 की तुलना में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमत कम है, लेकिन देश में पेट्रोल और डीजल के दाम लगभग दोगुने हो चुके हैं.  उन्होंने इसे आम जनता की जेब पर सीधा हमला बताया.
 
BIHAR POLITICS

Bihar Politics: पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर बिहार की राजनीति गरमा गई है. तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि महंगाई से आम जनता पहले ही परेशान है और अब ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं.

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तेजस्वी यादव ने कहा कि पेट्रोल-डीजल महंगा होने का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ता है. इससे परिवहन लागत बढ़ती है और रोजमर्रा की जरूरतों की चीजें भी महंगी हो जाती हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जनता को राहत देने के बजाय लगातार आर्थिक बोझ बढ़ा रही है.


तेजस्वी यादव ने अपने बयान में कहा कि जब वैश्विक बाजार में क्रूड ऑयल सस्ता था तब भी आम लोगों को राहत नहीं मिली और अब भी तेल कंपनियों को फायदा पहुंचाने की नीति जारी है. उन्होंने आरोप लगाया कि 2014 की तुलना में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमत कम है, लेकिन देश में पेट्रोल और डीजल के दाम लगभग दोगुने हो चुके हैं.  उन्होंने इसे आम जनता की जेब पर सीधा हमला बताया.

नेता प्रतिपक्ष ने बढ़ती ईंधन कीमतों को आने वाले समय में महंगाई बढ़ने का संकेत भी बताया. उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्ट महंगा होने से रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ेंगे. इसका असर सीधे गरीब और मध्यम वर्ग पर पड़ेगा. उन्होंने आशंका जताई कि निजी क्षेत्र में नौकरियों पर दबाव बढ़ सकता है.  छोटे कारोबार प्रभावित होंगे। प्रवासी मजदूरों की वापसी बढ़ सकती है. गांव और कस्बों में आर्थिक गतिविधियां कमजोर पड़ सकती हैं.

तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं पर भी सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि जैसे मुद्दों पर गंभीर चर्चा करने की बजाय राजनीतिक और धार्मिक मुद्दों पर अधिक फोकस कर रही है. उन्होंने कहा कि जनता महंगाई और बेरोजगारी से परेशान है, लेकिन सरकार का ध्यान दूसरी बहसों पर केंद्रित है.