लालू परिवार की दीवारें दरकीं: रोहिणी आचार्य ने छलका दर्द- चप्पल चली, गालियाँ पड़ी, सम्मान कुचला गया
Bihar political news: बिहार चुनाव में करारी हार के बाद राजद सिर्फ़ सीटों तक नहीं सिमटी, बल्कि लालू परिवार की एकता भी बिखरने लगी है। लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने जिस तरह सार्वजनिक मंच पर परिवार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए, उससे राज्य की सियासत में भूचाल आ गया है। रोहिणी ने खुलकर कहा है कि उनके साथ पारिवारिक दुर्व्यवहार हुआ, अपमान किया गया और उनकी बातों को दबाने की कोशिश की गई।
राबड़ी आवास में ‘गाली-गलौज और चप्पल’ का आरोप
रोहिणी आचार्य ने दावा किया कि पार्टी की हार को लेकर हुए चर्चा के दौरान जब उन्होंने संजय यादव और रमीज़ का नाम लिया, तो राबड़ी देवी के सरकारी आवास में उनके साथ बेहद खराब बर्ताव किया गया।
• गाली-गलौज
• बेइज्जती
• और यहां तक कि चप्पल उठाने की कोशिश
इन आरोपों ने पूरी राजनीति में हलचल मचा दी है। शनिवार को रोहिणी ने पहले ट्विटर पर परिवार और पार्टी से नाता तोड़ने का ऐलान किया, फिर देर शाम राबड़ी आवास को छोड़कर बाहर निकल गईं।
पटना एयरपोर्ट पर रोहिणी भावुक होकर बोलीं- “अब मेरा कोई परिवार नहीं है।”
रोते-रोते टूटी आवाज़, रोहिणी का दर्द छलका
राबड़ी आवास छोड़ने के बाद रोहिणी पटना से दिल्ली पहुँचीं। उनकी आँखों में आंसू थे और गला रो-रोकर बैठ चुका था। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने बताया कि विवाद के वक्त परिवार के कई सदस्य मौजूद थे और माहौल बेहद तनावपूर्ण था।
उनकी स्थिति इतनी खराब थी कि सवाल उठने लगा- आखिर रोहिणी हैं कहां?
दिल्ली से मुंबई, ससुराल में रहेंगी कुछ दिन
रोहिणी आचार्य दिल्ली से मुंबई के लिए रवाना हो गईं, जहां वे अपने ससुराल में कुछ दिन रहेंगी। उन्होंने कहा कि उनकी सास बेहद चिंतित हैं और इसलिए वे फिलहाल मुंबई में रहने जा रही हैं।
रोहिणी ने कहा-“मैं खुशकिस्मत हूँ कि मेरे माता-पिता मेरे साथ हैं। मनमुटाव सिर्फ मेरे भाई से है… मेरे माता-पिता, बहनें, ससुराल—सब मेरे साथ हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे मामले के लिए असल कहानी तेजस्वी यादव, संजय यादव, रेचल और रमीज़ ही बता सकते हैं।
परिवार के समर्थन का दावा, भाई से दूरी बरकरार
भावनाओं से टूट चुकी रोहिणी ने साफ कहा कि वह केवल अपने भाई से अलग हुई हैं, बाकी परिवार उनके साथ खड़ा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि किसी भी घर की बेटी को ऐसी परिस्थितियों से न गुजरना पड़े।
उधर, इस पूरे विवाद पर अब तक तेजस्वी यादव या उनकी टीम की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है, जिससे कयास और भी गहरे हो रहे हैं।







