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‘यह बजट खर्च नहीं, भविष्य की बुनियाद है’- केंद्रीय बजट 2026-27 पर ऋतुराज सिन्हा का बयान

 
‘यह बजट खर्च नहीं, भविष्य की बुनियाद है’- केंद्रीय बजट 2026-27 पर ऋतुराज सिन्हा का बयान
Bihar political news: केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा ने सरकार के विज़न की सराहना की है। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि आने वाले कई दशकों के लिए देश की दिशा तय करने वाला दस्तावेज़ है। उनके मुताबिक, यह बजट ‘खर्च करने वाली सरकार’ के बजाय ‘भविष्य गढ़ने वाली सरकार’ की सोच को साफ तौर पर दिखाता है।

ऋतुराज सिन्हा ने कहा कि मोदी सरकार ने अल्पकालिक लाभ की जगह लंबे समय तक टिकाऊ विकास पर जोर दिया है। बजट में ₹12.2 लाख करोड़ के रिकॉर्ड सार्वजनिक पूंजीगत व्यय का प्रावधान कर यह संदेश दिया गया है कि बुनियादी ढांचा, उद्योग, लॉजिस्टिक्स और शहरों का विकास ही मजबूत अर्थव्यवस्था की नींव है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार को केंद्र में रखकर युवाओं को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का भागीदार बनाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि युवाओं के लिए यह बजट कई नए अवसर लेकर आया है। स्वास्थ्य क्षेत्र में 1 लाख नए एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स और 1.5 लाख केयरगिवर्स को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा AVGC सेक्टर में करीब 20 लाख नौकरियों की संभावना जताई गई है। पर्यटन, खेल, डिजाइन और सेवा क्षेत्र से जुड़ी योजनाएं भी रोजगार के नए रास्ते खोलेंगी। साथ ही ‘एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट’ पर केंद्रित उच्चस्तरीय समिति भविष्य की नौकरियों को ध्यान में रखकर नीतियां तैयार करेगी।

एमएसएमई और छोटे उद्यमियों के लिए बजट को अहम बताते हुए उन्होंने कहा कि ₹10,000 करोड़ का एसएमई ग्रोथ फंड, टी-रेड्स प्लेटफॉर्म के जरिए तरलता और सरकारी खरीद में भुगतान प्रक्रिया को तेज करने जैसे कदम छोटे उद्योगों को आगे बढ़ने में मदद करेंगे। नियमों को सरल बनाकर और सस्ती फाइनेंसिंग उपलब्ध कराकर सरकार ने ईमानदार उद्यमियों का भरोसा मजबूत किया है।

बिहार को लेकर ऋतुराज सिन्हा ने कहा कि यह बजट राज्य को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा से जोड़ने वाला है। 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, जिनमें वाराणसी से सिलीगुड़ी का रूट शामिल है, से बिहार की कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलेगी। पटना में इनलैंड वॉटरवेज के लिए शिप रिपेयर इकोसिस्टम बनने से स्थानीय युवाओं के लिए तकनीकी और औद्योगिक रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने इसे ‘पूर्वोदय’ की सोच को जमीन पर उतारने वाला बजट बताया।

अंत में उन्होंने कहा कि यह बजट सिर्फ आज की जरूरतों को नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की उम्मीदों को भी ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। आत्मनिर्भर, प्रतिस्पर्धी और समावेशी भारत की मजबूत नींव रखने की दिशा में यह बजट एक बड़ा कदम है।