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आज अपने फैसले पर शर्मिंदगी है” — लालू के कभी सबसे करीबी रहे श्याम रजक का बड़ा बयान, कहा- नैतिकता के आधार पर राजनीति छोड़ें लालू-तेजस्वी

 
आज अपने फैसले पर शर्मिंदगी है” — लालू के कभी सबसे करीबी रहे श्याम रजक का बड़ा बयान, कहा- नैतिकता के आधार पर राजनीति छोड़ें लालू-तेजस्वी

लैंड फॉर जॉब मामले में कोर्ट के सख्त रुख के बाद राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव पर सियासी हमले तेज हो गए हैं। इसी कड़ी में कभी लालू यादव के बेहद करीबी और भरोसेमंद माने जाने वाले श्याम रजक ने सार्वजनिक रूप से अपनी नाराज़गी और आत्मग्लानि जाहिर की है। श्याम रजक के बयान ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है।

श्याम रजक ने तीखे शब्दों में कहा कि आज उन्हें अपने राजनीतिक जीवन के सबसे बड़े फैसले पर पछतावा हो रहा है। उन्होंने कहा, “मुझे आज इस बात की शर्मिंदगी है कि मैंने इतने वर्षों तक लालू प्रसाद यादव के साथ काम किया। वर्षों बाद आज लोगों के मन में यह संतोष है कि न्याय हुआ है।” उनके इस बयान को लालू परिवार पर सीधा हमला माना जा रहा है।

नैतिकता के आधार पर पद छोड़ने की नसीहत

श्याम रजक ने लालू प्रसाद यादव को खुली सलाह देते हुए कहा कि अब समय आ गया है जब उन्हें राजनीति से पूरी तरह किनारा कर लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए लालू यादव को अपने सभी पदों से इस्तीफा दे देना चाहिए और यह स्वीकार करना चाहिए कि आज जो कुछ भी हो रहा है, वह उनके कर्मों का ही परिणाम है।

तेजस्वी यादव पर भी साधा निशाना

श्याम रजक यहीं नहीं रुके। उन्होंने लालू यादव के साथ-साथ तेजस्वी यादव पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि अगर दोष सिद्ध होता है तो तेजस्वी यादव को भी अपने पदों का त्याग कर जनता के सामने अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए। “सत्ता से चिपके रहना समाधान नहीं है, नैतिक साहस दिखाना ही असली राजनीति है,” ऐसा कहते हुए उन्होंने तेजस्वी से स्वेच्छा से सजा भुगतने की तैयारी दिखाने की मांग की।

श्याम रजक के इस बयान को राजद के भीतर उठती असंतोष की आवाज के तौर पर देखा जा रहा है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि कोर्ट के फैसलों के बाद लालू परिवार के खिलाफ बयानबाजी और तेज होगी, जिससे बिहार की राजनीति आने वाले दिनों में और ज्यादा गर्माने वाली है।