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दरभंगा में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा में शामिल हुए केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, जदयू के संजय झा, उमड़ा जनसैलाब

सही मतदाता सूची ही लोकतंत्र को मजबूत कर सकती है, एसआईआर का विरोध घुसपैठियों के पक्ष में : केंद्रीय मंत्री
 
Bhupendra

पटना: भारतीय जनता पार्टी के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत गुरुवार को दरभंगा में आयोजित पदयात्रा में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने विपक्षी गठबंधन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष चुनावी सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर केवल उन्हीं जगहों पर सवाल उठाता है, जहां उसे चुनाव में हार का सामना करना पड़ता है। अपनी जीत वाली सीटों पर विपक्ष चुप्पी साध लेता है। उन्होंने कहा कि देश के लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए मतदाता सूची का सही होना जरूरी है।

पोलो ग्राउंड से शुरू हुई पदयात्रा लहरियासराय टावर, लोहिया चौक, बकरगंज और जीएन गंज जैसे प्रमुख क्षेत्रों से होकर गुजरी। इस दौरान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, सांसद गोपाल जी ठाकुर सहित एनडीए के अनेक वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। पदयात्रा में बड़ी संख्या में नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे मार्ग में कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों का उत्साह देखने को मिला।

पोलो ग्राउंड में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए भूपेंद्र यादव ने कहा कि बिहार लोकतंत्र की जननी रहा है। जब दुनिया लोकतंत्र को सीखना शुरू कर रही थी, तब वैशाली का गणतंत्र दुनिया के लिए बड़ा उदाहरण था। गणतंत्र का उद्देश्य तर्क करना, जनता के विषयों को उठाना और जनता का सही प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है।

उन्होंने कहा कि एसआईआर देश में पहली बार नहीं हो रहा है। वर्ष 1950 से अब तक आठ बार यह प्रक्रिया हो चुकी है और वर्तमान में नौवीं बार पुनरीक्षण किया जा रहा है। लंबे समय के बाद मतदाता सूची को दुरुस्त करने की आवश्यकता होती है, ताकि मृत व्यक्तियों के नाम हटाए जा सकें और एक से अधिक जगहों पर दर्ज नामों को ठीक किया जा सके। उन्होंने कहा कि मतदान का अधिकार पाने के लिए 18 वर्ष की आयु और भारत का नागरिक होना आवश्यक है।

केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि एसआईआर का विरोध करने वाले लोग घुसपैठियों के पक्ष में खड़े हैं। उन्होंने कहा कि किसी का नाम मनमाने तरीके से मतदाता सूची से नहीं काटा जा सकता। हर राजनीतिक दल के बूथ स्तरीय एजेंट (बीएलए) इस प्रक्रिया में शामिल होते हैं। बिहार में राजद के 35 हजार और कांग्रेस के 17 हजार बीएलए थे। इसके बावजूद आपत्तियों की संख्या केवल दो रही। उन्होंने कहा कि ये आंकड़े उच्चतम न्यायालय में दाखिल हलफनामे में दर्ज हैं।

यादव ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने एसआईआर की प्रक्रिया को निरंतर चलने वाली प्रक्रिया बताया है। उन्होंने कहा कि पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए भी दस्तावेज देने पड़ते हैं। सरकार ने प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाया है, ताकि गरीबों को परेशानी न हो। सही मतदाता सूची ही देश के लोकतंत्र को मजबूत कर सकती है।

उन्होंने कहा कि एसआईआर के बाद बिहार और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में चुनाव हुए। केरल में कांग्रेस की सरकार बनी और तमिलनाडु में भी चुनाव हुए। ऐसे में विपक्ष को बताना चाहिए कि वह अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग रुख क्यों अपनाता है।

केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस पर आपातकाल लगाने का आरोप लगाते हुए कहा कि एनडीए के नेताओं ने लोकतंत्र बचाने के लिए संघर्ष किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा बढ़ने का उल्लेख करते हुए विपक्ष पर लोकतंत्र के नाम पर झूठा हमला करने और ‘रिजीम चेंज’ की कोशिश करने का आरोप लगाया।

यादव ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा, देश की अखंडता बनाए रखने और घुसपैठियों को दूर करने के लिए भाजपा सड़क पर उतरी है। उन्होंने दीपावली के अवसर पर देश के लोकतंत्र की मजबूती तथा भारत की प्रगति की कामना की।