‘हरे गमछे’ पर बिहार में बवाल: CM सम्राट के बयान से गरमाई राजनीति, तेजस्वी-रोहिणी ने खोला मोर्चा
Bihar Political News: राजधानी पटना में आयोजित AI समिट में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का एक बयान राजनीतिक विवाद का कारण बन गया। AI तकनीक की क्षमता समझाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर में लगे हजारों AI कैमरों को यदि “हरे गमछे वाले व्यक्ति” की पहचान करने का निर्देश दिया जाए तो तकनीक तुरंत उसे खोज सकती है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका इशारा किसी व्यक्ति या समुदाय विशेष की ओर नहीं था।

इसके बावजूद बयान ने बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ दी। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे सरकार की सोच और प्राथमिकताओं से जोड़ दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है, जबकि बेरोजगारी, महंगाई, बिजली दर और महिलाओं से जुड़े सवाल आज भी जवाब मांग रहे हैं।
विवाद उस समय और बढ़ गया जब राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की पुत्री रोहिणी आचार्या ने सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में लिखा कि “AI से पूछिए, वह सब बता देगा” और इसके साथ कई राजनीतिक सवाल उठाते हुए सरकार को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश की। रोहिणी ने आरोप लगाया कि तकनीक और कानून-व्यवस्था के नाम पर राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने का माहौल बनाया जा रहा है।
इस मुद्दे पर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव भी खुलकर सामने आए। उन्होंने कहा कि किसी रंग या प्रतीक को राजनीतिक विवाद का विषय बनाना उचित नहीं है। उनका कहना था कि समाज में हर रंग का अपना महत्व है और सरकार को विकास, रोजगार तथा जनहित के मुद्दों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि AI समिट में दिया गया एक तकनीकी उदाहरण अब रंग और पहचान की राजनीति के बड़े विवाद में बदल गया है। सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी का दौर तेज हो गया है, जिससे बिहार की राजनीति में नया सियासी तापमान देखने को मिल रहा है।
फिलहाल ‘हरे गमछे’ को लेकर शुरू हुआ यह विवाद तकनीक, राजनीति और प्रतीकों की लड़ाई का नया अध्याय बनता नजर आ रहा है, जिस पर आने वाले दिनों में और तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं।







