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RJD में टिकट बंटवारे पर बवाल: डेढ़ दर्जन विधायकों की छुट्टी तय, तेजप्रताप की सीट भी फिसली हाथ से

 
RJD में टिकट बंटवारे पर बवाल: डेढ़ दर्जन विधायकों की छुट्टी तय, तेजप्रताप की सीट भी फिसली हाथ से

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखें तय हो चुकी हैं और अब सियासी पारा अपने चरम पर है। 6 नवंबर को पहले चरण में 18 जिलों की 121 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा, लेकिन उससे पहले ही राजद खेमे में टिकट को लेकर जोरदार हलचल शुरू हो गई है।

सूत्रों के मुताबिक, पार्टी अपने डेढ़ दर्जन से अधिक मौजूदा विधायकों के टिकट काटने की तैयारी में है। लालू यादव और तेजस्वी यादव इस बार चुनाव को “रिव्यू एंड रिवैम्प” रणनीति के तहत लड़ना चाहते हैं-यानी जीत पक्की करने के लिए पुराने चेहरों की जगह नए, स्थानीय और प्रभावशाली उम्मीदवारों को मौका दिया जाएगा।

हारे हुए और असंतुष्ट चेहरों पर भी चल रही है चर्चा

राजद के अंदरूनी सूत्र बताते हैं कि कई सीटों पर मौजूदा विधायकों का क्षेत्र बदला जा सकता है, जबकि कुछ सीटें सहयोगी दलों के खाते में जा सकती हैं। इसके अलावा 2020 में हारने वाले करीब 12 से अधिक उम्मीदवारों को भी बदलने की तैयारी है। इस पूरी कवायद का मकसद है-संगठन में ताजगी लाना और जनता के बीच “जीतने वाली टीम” का भरोसा बनाना।

पाला बदलने वाले विधायकों पर गिरेगी गाज

पिछले साल एनडीए सरकार के विश्वासमत के दौरान राजद के पांच विधायक पाला बदलकर सरकार के साथ चले गए थे। इनमें शिवहर के चेतन आनंद, भभुआ के भरत बिंद, सूर्यगढ़ा के प्रह्लाद यादव, मोहनियां की संगीता कुमारी और मोकामा की नीलम देवी शामिल हैं।
इसके अलावा नवादा की विभा देवी और रजौली के प्रकाश वीर भी भाजपा में शामिल हो चुके हैं। पार्टी अब इन सातों सीटों पर नए उम्मीदवार उतारने जा रही है। हालांकि यह भी संभावना है कि इनमें से कुछ सीटें गठबंधन सहयोगियों को दी जाएं।

तेजप्रताप यादव की सीट पर भी बदलाव तय

हसनपुर सीट, जहां से तेजप्रताप यादव विधायक हैं, अब उनके निष्कासन के बाद खाली मानी जा रही है। पार्टी ने उन्हें छह साल के लिए बाहर कर दिया है, ऐसे में यहां किसी नए उम्मीदवार को उतारना तय है।

वहीं छपरा जिले की तीन सीटों- सोनपुर, परसा और मढ़ौरा पर भी टिकट को लेकर संशय बना हुआ है। सूत्र बताते हैं कि इन सीटों पर वर्तमान विधायकों डॉ. रामानुज प्रसाद, छोटे लाल राय और जितेन्द्र कुमार राय की टिकट कटने की संभावना है। हालांकि इन सभी पर अंतिम फैसला लालू प्रसाद यादव स्वयं करेंगे।

पहले चरण की 121 सीटों पर बनेगी दिलचस्प स्थिति

राजद की इस आंतरिक फेरबदल से पहले चरण की 121 सीटों पर मुकाबला और दिलचस्प होता जा रहा है। अब मैदान में पुराने और नए चेहरों के बीच टक्कर होगी, साथ ही गठबंधन की अंदरूनी समीकरण और व्यक्तिगत लोकप्रियता भी बड़ा फैक्टर साबित होगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि “टिकट की यह जंग” राजद के लिए जितनी जोखिम भरी है, उतनी ही जरूरी भी, क्योंकि यही रणनीति पार्टी की जीत या हार की दिशा तय करेगी।