वैशाली नाव हादसा: 13 की मौत, PM मोदी और CM सम्राट ने किया मुआवजे का ऐलान
वैशाली जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र की रामपुर श्यामचंद पंचायत में मंगलवार की देर शाम करीब 7:30 बजे गंगा की छोटी धारा में नाव पलटने से 13 बच्चों की डूबकर मौत हो गयी. मृतकों में 10 बच्चियां शामिल हैं. नाव पर 20 से 25 लोग सवार थे, जो भगतान टोला स्थित माता महारानी स्थान के पास आयोजित श्राद्ध भोज में शामिल होने जा रहे थे
बताया जाता है कि छह लोगों की क्षमता वाली नाव पर अधिक लोगों के सवार होने के कारण वह अनियंत्रित होकर पलट गयी. हादसे के बाद गांव में चीख-पुकार मच गयी. ग्रामीणों ने मोबाइल और टॉर्च की रोशनी में बचाव कार्य शुरू किया और डूबे बच्चों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की है. वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपये देने का एलान किया है.
जानकारी के अनुसार, रामपुर श्यामचंद पंचायत के भगतान टोला स्थित माता महारानी स्थान के पास सिंघेश्वर राय के यहां श्राद्ध भोज का आयोजन था. गांव के करीब 20 से 25 लोग, जिनमें अधिकांश बच्चे और युवा शामिल थे, नाव पर सवार होकर गंगा की छोटी धारा के दूसरी ओर भोज खाने जा रहे थे. घटनास्थल से दूसरी ओर की दूरी करीब 150 मीटर बतायी गयी है. नाव बीच धारा में पहुंची, तभी ओवरलोड होने के कारण अनियंत्रित होकर पलट गयी. नाव पर सवार सभी लोग पानी में डूबने लगे. हादसे की खबर मिलते ही आसपास के ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गये और बचाव कार्य शुरू कर दिया.
क्षमता से कई गुना अधिक लोग सवार थे. हादसे का सबसे बड़ा कारण नाव पर ओवरलोडिंग बताया जा रहा है. छह लोगों की क्षमता वाली नाव पर 20 से 25 लोग सवार थे. अधिक वजन के कारण नाव का संतुलन बिगड़ने की आशंका जतायी गयी है.
रात में नाव का परिचालन. रिपोर्ट के अनुसार, रात में गंगा में नाव परिचालन पर रोक होने के बावजूद लोग नाव से दूसरी ओर जा रहे थे. नाव पर सवार अधिकांश लोग बच्चे और युवा थे. अचानक नाव पलटने से उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला.
जर्जर नाव का इस्तेमाल. ग्रामीणों के अनुसार, हादसे में शामिल नाव जर्जर थी. बताया गया कि बाढ़ के दौरान लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए अंचल कार्यालय की ओर से नाव उपलब्ध करायी गयी थी. हालांकि, नाव की स्थिति और हादसे के कारणों की आधिकारिक जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है







