वैशाली नाव हादसाः पीड़ितों से मिलकर रोए शिक्षक रौशन आनंद, परिजनों को 3.25 लाख की मदद दी
ज्ञान बिंदु के डायरेक्टर और शिक्षक रौशन आनंद आज वैशाली जिले के राघोपुर के रामपुर श्यामचंद में हुए नाव हादसे के पीड़ित परिवारों से मिलने आज सुबह पहुंचे।
उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों के परिजनों से मुलाकात की और 3 लाख 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी।
इस दौरान परिजन उनसे गले लगकर रोने लगे। परिवारों का दर्द देखकर रौशन आनंद भी भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू निकल पड़े। उन्होंने पीड़ित परिवारों को भरोसा दिया कि बच्चों की पढ़ाई में भी आगे मदद करेंगे।
रौशन आनंद ने कहा कि पटना से घटनास्थल की दूरी करीब 30 मिनट है, फिर भी मुख्यमंत्री का यहां नहीं आना कई सवाल खड़े करता है।
उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों का आरोप है कि अगर सरकार सतर्क रहती, तो यह हादसा टल सकता था।
रौशन आनंद के मुताबिक, 8 और 20 सितंबर को जिलाधिकारी को समस्याओं से अवगत कराया गया था, लेकिन इसके बावजूद जरूरी कदम नहीं उठाए गए।
शिक्षक रौशन आनंद ने हाजीपुर के सांसद और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, 'चिराग पासवान का नारा 'बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट' है, लेकिन उन्हें पहले अपने लोकसभा क्षेत्र को बेहतर बनाना चाहिए।'
उन्होंने कहा, 'हाजीपुर उनके पिता और चाचा की पुश्तैनी सीट रही है। अगर इस सीट को बचाना है, तो क्षेत्र में ऐसी व्यवस्था करनी होगी कि दोबारा इस तरह की घटना न हो।'
रौशन आनंद ने मांग की कि राघोपुर में NDRF की टीम तैनात की जाए। साथ ही, पर्याप्त एंबुलेंस और उनमें ऑक्सीजन की सुविधा सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार से भी अपील की कि वे राघोपुर का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्था का जायजा लें।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं के दौरान लोगों की जान बचाई जा सके।







