तेजस्वी बोले- हमने युवाओं को 1.20 लाख नौकरी दी, नीतीश ने युवाओं पर लाठी चलवाई
राजद के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार और युवाओं के हित में अपने कार्यकाल को अब तक की सरकारों से बेहतर बताया है। महागठबंधन सरकार में उपमुख्यमंत्री रहते हुए किए गए कार्यों का जिक्र करते हुए उन्होंने अपनी उपलब्धियां गिनाईं।
मंगलवार को जारी बयान में तेजस्वी ने दो नवंबर 2023 को गांधी मैदान में हुए नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि उस दिन एक साथ 1,20,336 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए थे। उनके अनुसार, इतने बड़े पैमाने पर सरकारी नियुक्ति पत्र वितरण का यह देश का पहला आयोजन था।
तेजस्वी ने अपने बयान में कविता की कुछ पंक्तियां भी साझा कीं। उन्होंने लिखा, "मैं गरुड़ कृष्ण मै पक्षिराज, सिर पर ना चाहिए मुझे ताज! रण-खेत पाटना है मुझको, अहिपाश काटना है मुझको!"
तेजस्वी यादव ने कहा कि 2020 के विधानसभा चुनाव में राजद की सरकार बनने पर उन्होंने वैज्ञानिक आंकड़ों के आधार पर 10 लाख पक्की सरकारी नौकरी देने का वादा किया था।
उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस वादे को असंभव बताया था और सवाल उठाया था कि वेतन के लिए पैसा कहां से आएगा।
उन्होंने कहा कि उस समय न्यूज चैनलों पर भी लगातार यह चर्चा होती थी कि बिहार में इतनी बड़ी संख्या में सरकारी नौकरियां देना संभव नहीं है। तेजस्वी के मुताबिक, 2020 में सत्ता से दूर रहने के बावजूद उनके मन में युवाओं से किया गया वादा बना रहा।
तेजस्वी ने कहा कि 2022 में राजनीतिक परिस्थितियां बदलीं और नीतीश कुमार ने भाजपा से अलग होकर महागठबंधन के साथ सरकार बनाई। उस दौरान उनका मुख्य ध्यान युवाओं को 10 लाख नौकरी देने के वादे को पूरा करने पर था।
उन्होंने दावा किया कि इसी शर्त पर महागठबंधन को समर्थन दिया गया था। सरकार बनने के बाद उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालते ही उन्होंने नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
तेजस्वी यादव ने बताया कि महागठबंधन सरकार बनने के कुछ ही महीनों के भीतर शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-1 और TRE-2 का नोटिफिकेशन जारी किया गया। उनके अनुसार, परीक्षाएं बिना पेपर लीक के संपन्न हुईं और समय पर परिणाम भी जारी किए गए।
उन्होंने दावा किया कि बीपीएससी के माध्यम से तीन लाख से अधिक शिक्षकों की बहाली हुई। तेजस्वी ने इसे 10 लाख सरकारी नौकरी देने के वादे की दिशा में पहला बड़ा कदम बताया।
तेजस्वी ने कहा कि दो नवंबर 2023 को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में 1,20,336 नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। उन्होंने दावा किया कि इस उपलब्धि का पूरा श्रेय उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को दिया था।
तेजस्वी के अनुसार, जिस काम को कभी असंभव बताया गया था, उसे महज कुछ महीनों में पूरा करके दिखाया गया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उस आयोजन में हुई तालियों की गूंज आज भी नीतीश कुमार के कानों में गूंजती होगी।
राजद नेता ने दावा किया कि 10 लाख नौकरी देने की योजना के तहत शिक्षक नियुक्ति केवल पहला चरण था। कई अन्य विभागों में भी रिक्तियों का आंकड़ा तैयार कर लिया गया था और नियुक्तियों का पूरा ब्लूप्रिंट बनाया गया था।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग में पब्लिक हेल्थ कैडर का खाका तैयार था। इसके तहत 1.30 लाख से अधिक पदों पर बहाली की योजना थी, लेकिन नीतीश कुमार ने संबंधित फाइल रोक दी।
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि जनवरी 2024 में नीतीश कुमार ने महागठबंधन सरकार गिराकर युवाओं के हित में चल रही योजनाओं को रोक दिया। इसके बाद बनी एनडीए सरकार को उन्होंने युवाओं के लिए दमनकारी बताया।
तेजस्वी ने दावा किया कि नौकरी मांगने वाले युवाओं को लाठियां खानी पड़ीं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज किया गया, ठंड में पानी डाला गया और कई युवाओं को चोटें आईं।
उन्होंने कहा कि महागठबंधन सरकार के दौरान जिस तरह नियुक्तियों की प्रक्रिया आगे बढ़ी थी, वैसी गति बाद में देखने को नहीं मिली। तेजस्वी ने अपने बयान के जरिए एक बार फिर बिहार में रोजगार और सरकारी नौकरियों को लेकर अपनी सरकार के कार्यकाल को बेहतर बताया।







