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कौन हैं देवेश कुमार? इस्तीफे से बढ़ी सियासी हलचल, क्या दीपक प्रकाश के लिए खाली की एमएलसी सीट?

 
कौन हैं देवेश कुमार? इस्तीफे से बढ़ी सियासी हलचल, क्या दीपक प्रकाश के लिए खाली की एमएलसी सीट?

Bihar Political Update: बिहार की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) देवेश कुमार का इस्तीफा इन दिनों सबसे अधिक चर्चा का विषय बना हुआ है। उनके अचानक पद छोड़ने के बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलें तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि इस फैसले से पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश के लिए विधान परिषद पहुंचने का रास्ता आसान हो सकता है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक भाजपा या एनडीए की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

समस्तीपुर से शुरू हुआ राजनीतिक सफर

62 वर्षीय देवेश कुमार समस्तीपुर जिले के पूसा प्रखंड स्थित महमदपुर देवपार गांव के निवासी हैं। उनका परिवार लंबे समय से सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों से जुड़ा रहा है। उनके दादा यमुना कार्जी स्वतंत्रता सेनानी होने के साथ-साथ कांग्रेस के विधायक भी रहे थे। इसी माहौल ने देवेश कुमार को छात्र जीवन से ही सार्वजनिक जीवन की ओर प्रेरित किया।

उन्होंने एमए और एमफिल तक की पढ़ाई की और छात्र राजनीति के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़े। शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने पत्रकारिता में भी काम किया, लेकिन बाद में सक्रिय राजनीति को अपना मुख्य क्षेत्र बना लिया।

भाजपा संगठन में निभाई अहम जिम्मेदारियां

संगठनात्मक क्षमता के दम पर देवेश कुमार ने भाजपा में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने प्रदेश स्तर पर कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं और पार्टी के मिजोरम प्रभारी के रूप में भी काम किया। वर्ष 2021 में उन्हें राज्यपाल कोटे से बिहार विधान परिषद का सदस्य मनोनीत किया गया था। उनका कार्यकाल मार्च 2027 तक निर्धारित था, लेकिन कार्यकाल पूरा होने से पहले ही उन्होंने इस्तीफा देकर राजनीतिक चर्चाओं को नया मोड़ दे दिया।

विवादों से भी रहा नाता

देवेश कुमार का राजनीतिक जीवन कुछ विवादों से भी जुड़ा रहा है। वर्ष 2022 में पटना में एक सड़क दुर्घटना के मामले के दौरान उन पर शराब सेवन का आरोप लगा था। जांच प्रक्रिया के बाद मामला काफी सुर्खियों में रहा, हालांकि उन्होंने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया था।

इसके अलावा फरवरी 2026 में बिहार विधान परिषद के बजट सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी के साथ उनकी तीखी नोकझोंक भी चर्चा का विषय बनी थी। सदन में हुई इस बहस के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर अमर्यादित व्यवहार के आरोप लगाए थे।

इस्तीफे के पीछे क्या है राजनीतिक रणनीति?

देवेश कुमार के इस्तीफे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इसके पीछे वजह क्या है। राजनीतिक सूत्रों का मानना है कि भाजपा ने गठबंधन सहयोगी राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के साथ तालमेल बनाए रखने और पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश से जुड़े संवैधानिक विवाद का समाधान निकालने के लिए यह रणनीतिक कदम उठाया है।

दीपक प्रकाश फिलहाल बिहार विधानसभा या विधान परिषद, किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। ऐसे में उन्हें विधान परिषद भेजे जाने की चर्चाएं तेज हैं। यदि ऐसा होता है तो उनका मंत्री पद संवैधानिक रूप से सुरक्षित हो सकता है।

अब अगली जिम्मेदारी पर टिकी नजर

इस्तीफे के बाद अब राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी शुरू हो गई है कि भाजपा देवेश कुमार को संगठन या सरकार में कौन-सी नई जिम्मेदारी सौंप सकती है। फिलहाल उनके अगले राजनीतिक कदम और एमएलसी सीट पर होने वाले घटनाक्रम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।