चुनाव जीतना पहली सीढ़ी, जनता का विश्वास सेवा से मिलता है: गया में प्रबोधन कार्यक्रम के उद्घाटन पर बोले उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन
Bihar Politics: बिहार विधानसभा सचिवालय, लोकसभा सचिवालय की संस्था PRIDE (Parliamentary Research and Training Institute for Democracies) तथा बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (BIPARD), गया के संयुक्त तत्वावधान में बिहार विधानसभा के माननीय सदस्यों के लिए आयोजित दो दिवसीय 'प्रबोधन कार्यक्रम' का शुभारंभ भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने किया. कार्यक्रम का आयोजन बिपार्ड, गया परिसर में किया गया, जिसमें बिहार के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, विधान परिषद के सभापति, उपमुख्यमंत्री सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे.

विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कार्यक्रम का उद्देश्य
कार्यक्रम की शुरुआत में बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने सभी अतिथियों का स्वागत किया. उन्होंने गया की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भूमि सदियों से ज्ञान, करुणा और आत्मचिंतन की प्रतीक रही है. उन्होंने कहा कि भारत में लोकतंत्र की परंपरा अत्यंत प्राचीन है और हमारे शास्त्र संवाद, विचार-विमर्श और सतत सीखने की प्रेरणा देते हैं.
उन्होंने विश्वास जताया कि इस प्रबोधन कार्यक्रम से विधायकों की संसदीय कार्यक्षमता, विधायी समझ और जनप्रतिनिधि के रूप में उनकी प्रभावशीलता में वृद्धि होगी.
उपराष्ट्रपति ने सेवा आधारित राजनीति पर दिया जोर
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने कहा कि चुनाव केवल मतों से जीते जाते हैं, लेकिन जनता का स्थायी विश्वास सेवा, संवेदनशीलता और ईमानदार नेतृत्व से ही अर्जित किया जा सकता है.
उन्होंने कहा कि बिहार का विकास इस दिशा में होना चाहिए कि राज्य के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन न करना पड़े. उन्होंने जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे अपने क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने और बिहार को विकास एवं रोजगार का केंद्र बनाने की दिशा में कार्य करें.
गया की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक पहचान का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह भूमि समाज सेवा, ज्ञान और उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करने का संदेश देती है.
राज्यपाल बोले- बदलते दौर में प्रशिक्षण आवश्यक
बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सय्यद अता हसनैन ने कहा कि वर्तमान समय तेजी से बदलती तकनीक का युग है, जहां निरंतर प्रशिक्षण बेहद जरूरी हो गया है.
उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के बढ़ते प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों को भी नई तकनीकों और आधुनिक संसदीय प्रक्रियाओं की जानकारी रखना आवश्यक है, ताकि वे समय के अनुरूप अपनी भूमिका प्रभावी ढंग से निभा सकें.
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की पहल की सराहना
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रबोधन कार्यक्रम के आयोजन के लिए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार की सराहना करते हुए इसे संवैधानिक मूल्यों और लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताया.
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को सदन की कार्यवाही में नियमित भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए तथा प्रत्येक विधायक को अपने क्षेत्र के विकास के लिए हर वर्ष ठोस और व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार करनी चाहिए, जिससे जनता को प्रत्यक्ष लाभ मिल सके.
उपमुख्यमंत्री ने संविधान संशोधन का सुझाव दिया
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने अपने संबोधन में विधायिका और कार्यपालिका के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया. उन्होंने उपराष्ट्रपति से संविधान के अनुच्छेद 104 और 193 में समयानुकूल संशोधन पर विचार करने का आग्रह भी किया.
संसदीय प्रक्रियाओं पर मिला प्रशिक्षण
उद्घाटन सत्र के बाद विशेषज्ञों ने विभिन्न तकनीकी एवं विषयगत सत्रों में विधायकों को संसदीय प्रक्रिया, सदन के नियम, प्रश्नकाल, कार्यपालिका की जवाबदेही, सदस्यों के अधिकार एवं कर्तव्य, आचार संहिता तथा आधुनिक डिजिटल संसदीय प्रणाली नेवा (NeVA) के उपयोग सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी.
सत्रों के दौरान विधायकों ने अपने अनुभव साझा किए और विशेषज्ञों से संसदीय कार्यप्रणाली एवं जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका विस्तृत उत्तर दिया गया.
वृक्षारोपण और सम्मान समारोह भी आयोजित
कार्यक्रम के दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने उपराष्ट्रपति सहित सभी विशिष्ट अतिथियों को भगवान बुद्ध की प्रतिमा, स्मृति चिह्न, अंगवस्त्र और हरित पौधा भेंट कर सम्मानित किया. उद्घाटन सत्र के बाद सभी अतिथियों ने बिपार्ड परिसर में वृक्षारोपण किया तथा सामूहिक छायाचित्र (ग्रुप फोटो) में भाग लिया.
धन्यवाद ज्ञापन
कार्यक्रम के समापन पर बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया. वहीं कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, उप मुख्य सचेतक मंजीत कुमार सिंह और विधायक अजय कुमार ने भी प्रबोधन कार्यक्रम को जनप्रतिनिधियों के लिए उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताया.







