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छात्रों की सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार ने तय की नई गाइडलाइन्स
 

केंद्र ने छात्रों की सुरक्षा को लेकर स्कूलों की जवाबदेही तय करने के लिए कुछ आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किये हैं. जारी दिशा-निर्देशों में केंद्र ने कहा कि बच्चों को सुरक्षित बुनियादी ढांचा प्रदान करें, समय पर चिकित्सा सहायता दें, छात्रों द्वारा दर्ज की गई शिकायत पर त्वरित कार्रवाई हो, उद्दंडता की रोकथाम हो, शारीरिक दंड में भेदभाव और मादक पदार्थों के सेवन पर रोक लगाई जाए और कोरोना के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन हो. 

आपको बता दे कि इन निर्देशों के को नहीं मानने पर जुर्माना लग सकता है, और यहां तक ​​कि स्कूलों की मान्यता भी छीन ली जा सकती है. वैसे बता दे सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एक विशेषज्ञ समिति द्वारा 'स्कूल सेफ्टी एंड सिक्योरिटी पर दिशानिर्देश' तैयार किए गए हैं, यह आदेश 2017 में गुड़गांव के एक इंटरनेशनल स्कूल में मारे गए एक छात्र के पिता द्वारा दायर एक रिट याचिका के जवाब में आया था, जिसमें स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों कीसुरक्षा के मामले में स्कूल प्रबंधन की जवाबदेही तय करने के लिए दिशा-निर्देश तैयार करने की मांग की गई थी.

इतना ही नही शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ शेयर किए गए दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि स्कूल प्रबंधन या प्रिंसिपल या स्कूल के प्रमुख के पास स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी है. माता-पिता यह निगरानी करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं कि क्या स्कूल अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है.