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पाक के परमाणु कार्यक्रम के जनक डॉ. अब्दुल कादिर का निधन
 

पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम के जनक और वैज्ञानिक डॉ. अब्दुल कादिर खान का 85 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है. डॉ अब्दुल खान को पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम का जनक माना जाता है. उनकी तबीयत बिगड़ गई थी. जिसके बाद उन्हें खान रिसर्च लैबोरेटरीज अस्पताल में भर्ती कराया गया था. रविवार सुबह सात बजे उन्होंने अस्पताल में ही आखिरी सांस ली. 

आपको बता दे कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने वैज्ञानिक डॉ. अब्दुल कादिर खान के निधन पर गहरा दुख जाहिर किया है. उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, 'डॉ अब्दुल कादिर खान के निधन से बेहद दुखी हूं. पूरा मुल्क उनसे बेहद प्यार करता है. उन्होंने राष्ट्र की सुरक्षा के लिए हमें परमाणु हथियार दिया है. पाकिस्तान के नागरिकों के लिए वो एक हीरो थे. 

बता दे डॉ कादिर का जन्म अविभाजित भारत के भोपाल शहर में हुआ था. 1947 में विभाजन के बाद पाकिस्तान बनने पर डॉ खान पूरे परिवार के साथ पाकिस्तान आ गए थे. पेशे से इंजीनियर खान एक दशक से अधिक वक्त तक परमाणु बम बनाने की तकनीक, मिसाइल बनाने के लिए यूरेनियम संवर्धन, मिसाइल में लगने वाले उपकरण और पुर्जों के व्यापार में काम कर चुके हैं.

इतना ही नहीं यूरोप में सालों तक परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में पढ़ाई और काम कर चुके डॉ. खान को मिसाइल बनाने का तरीका भी आता था. उन पर आरोप था कि उन्होंने परमाणु तकनीक की जानकारी लीबिया, उत्तर कोरिया और ईरान को दीं थीं. इन देशों के परमाणु कार्यक्रम में वो एक अहम नाम बनकर उभरे. वैसे एक दौर में वह पाकिस्तान के सबसे ताकतवर व्यक्ति बन गए थे. स्कूलों की दीवारों पर उनकी तस्वीरें दिखती थीं, उनकी तस्वीरें सड़कों-गलियों में  दिखती थीं. उन्हें 1996 और 1999 में दो बार पाकिस्तान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान निशान-ए-इम्तियाज से भी नवाजा गया.