अफवाहों के कारण सुर्खियों में है आजादी से पहले की ‘द इंडियन सीमेंट’ कंपनी, जानिए पूरी खबर

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क्रिकेट के साथ साथ बिजनेस के कारण भी श्रीनिवासन लगातार सुर्खियों में बने रहते हैं. बिजनेस से सम्बन्धित ताजा मामला इंडिया सीमेंट्स लिमिटेड के उपाध्यक्ष एन श्रीनिवासन और दमानी एवेन्यू सुपरमार्ट्स के मालिक राधाकिशन दमानी का है.
राधाकिशन दमानी ने पूरे देश में अपने सुपर मार्केट डी मार्ट का निर्माण शुरू किया है और उनके परिवार ने इंडिया सीमेंट्स में 20 प्रतिशत की हिस्सेदारी हासिल की है.
एक अफवाह जोर पकड़ रही थी की दमानी परिवार इंडिया सीमेंट्स कंपनी में और हिस्सेदारी बढ़ाकर उसपर नियंत्रण रखने पर विचार कर रही है. लेकिन राधाकिशन दमानी ने इस अफवाह पर विराम लगा दिया है.


बहरहाल, बतौर इंडिया सीमेंट्स लिमिटेड के उपाध्यक्ष एन श्रीनिवासन ने हाल ही में एक मीडिया सम्मेलन में कहा कि इंडिया सीमेंट्स लिमिटेड कंपनी की प्रबंधन की स्थिरता बहुत ठीक है. उन्होने के कहा कि दमानी एक सम्मानित व्यक्ति हैं. उन्होंने द इंडिया सीमेंट्स में निवेश करने का फैसला लिया है. दमानी और उनके परिवार कंपनी के शेयरों को चुना है और स्टॉक एक्सचेंजो में फाइलिंग के अनुसार इस साल उनकी होल्डिंग लगभग 20 परसेंट हो गई है. यह एकमात्र बिजनेस डील है जिसमें दमानी द्वारा हिस्सेदारी बढ़ाने और इंडिया सीमेंट्स कंपनी में पर नियंत्रण रखने जैसी कोई भी बात नहीं है.


चलिए हम बात करते हैं एन श्रीनिवासन की. ये देश के जाने माने बिजनेसमैन हैं वर्तमान में इंडिया सीमेंट्स लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर है. एन श्रीनिवासन मशहूर उद्योगपति पीएस नारायण स्वामी के पुत्र हैं. इनका जन्म 3 जनवरी 1945 को तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले में हुआ था. उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले में है कि फिर उसके बाद ग्रेजुएशन चेन्नई के लोयला कॉलेज से किया. उन्होंने अमेरिका के Illinois institute of technology से मास्टर ऑफ साइंस डिग्री इन केमिकल इंजीनियरिंग की पूरी की. वहीं अगर बात करें एन श्रीनिवासन की खेल प्रबंधन में भूमिका की तो वह बीसीसीआई के अध्यक्ष रह चुके हैं.


एन श्रीनिवासन तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन, तमिलनाडु गोल्ड फेडरेशन ऑल इंडिया, चेस फेडरेशन के भी अध्यक्ष रह चुके है. आपको बता दें कि एन श्रीनिवासन पहले भारतीय हैं जिन्होंने आईसीसी यानी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की कमान संभाली. इसके साथ ही उनकी कंपनी इंडिया सीमेंट्स ने आईपीएल यानी इंडियन प्रीमियर लीग की टीम चेन्नई सुपर किंग्स को भी खरीदा है. वहीं अगर बात करें कॉरपोरेट जगत की तो एन श्रीनिवासन ने 1989 में इंडिया सीमेंट्स कंपनी के उपाध्यक्ष और मैनेजिंग डायरेक्टर की कमान संभाली थी. श्रीनिवासन ने 90 के दशक में आंध्र प्रदेश स्थित राशि सीमेंट में बोली लगाई और इंडिया सीमेंट के साथ उसका विलय कर दिया. इसके बाद एन श्रीनिवासन ने सार्वजनिक क्षेत्र के सीमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के यरगुंटला के लिए बोली लगाई और इसे भी इंडिया सीमेंट्स में शामिल कर दिया. उन्होंने 1996 से 1998 तक मद्रास चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया. एन श्रीनिवासन फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की कार्यकारी समिति के सदस्य हैं. 1991 और 2006 के बीच वह 5 वर्षों के लिए सीमेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष थे और 1991 और 2006 के बीच चार कार्य कालों के लिए नेशनल काउंसिल फॉर सीमेंट एंड बिल्डिंग मटेरियल के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष थे. वही 1996 से 1998 के बीच दो कार्य कालों के लिए द मद्रास चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष भी रहे. 2001 में ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ एंपलॉयर्स के अध्यक्ष थे. वह प्रधानमंत्री की व्यापार और उद्योग परिषद के सदस्य थे.
वहीं अगर बात करें एन श्रीनिवासन कि इंडिया सीमेंट्स कंपनी की तो इस कंपनी में तो श्रीनिवासन के चारों ओर एक अच्छी और भरोसेमंद टीम है जिसका नेतृत्व वे खुद करते हैं. श्रीनिवासन के इस भरोसेमंद टीम के एक और महत्वपूर्ण सदस्य का नाम है राकेश सिंह. राकेश सिंह भारत सीमेंट के कार्यकारी अध्यक्ष है और श्रीनिवासन के सबसे भरोसेमंद अधिकारियों में से एक है.


आइए अब जान लेते है इंडिया सीमेंट्स कंपनी के बारे में
वर्ष 1946 में जब दूसरा विश्व युद्ध समाप्त हो गया था और राजनीतिक स्वतंत्रता कोमा में थी तब इंडिया सीमेंट्स लिमिटेड ने तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले में एक छोटे से सीमेंट फैक्ट्री के रूप में अपनी शुरूआत की. इंडिया सीमेंट्स लिमिटेड की स्थापना वर्ष 1946 में एस एन एन शंकरलिंग अय्यर और टी एस नारायणस्वामी द्वारा की गई थी. इंडिया सीमेंट्स लिमिटेड सबसे पुराने भारतीय कॉरपोरेट्स में से एक है. कंपनी ने 1949 में शंकरनगर में अपना पहला प्लांट स्थापित किया.
टी एस नारायणस्वामी बैंकर से उद्योगपति बने और फिर कई बाधाओं से पार किया. उन्होंने सीमेंट से परे और एल्यूमीनियम, रसायन, प्लास्टिक और शिपिंग में व्यपार किया.


1989 में सिर्फ 1.3 मिलियन टन की क्षमता वाली दो प्लांट कंपनी से इंडिया सीमेंट्स ने पिछले दो दशकों में 15.5 मिलियन टन प्रति वर्ष की कुल क्षमता में मजबूती से वृद्धि की है. इंडिया सीमेंट्स लिमिटेड के साथ त्रिनेत्र सीमेंट लिमिटेड और त्रिशूल कंक्रीट प्रोडक्ट्स लिमिटेड के बीच समामेलन और व्यवस्था की एक योजना की मंजूरी के बाद सभी सीमेंट परिसंपत्तियां एक छत के नीचे आ गई हैं.इंडिया सीमेंट्स के पास अब तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और राजस्थान में 8 सीमेंट प्लांट हैं और दो यूनिटस हैं जिनमें से एक तमिलनाडु और महाराष्ट्र में है.