कैमूर में अतिक्रमण हटाने गई पुलिस पर फल लूटने का आरोप, एसपी ने जांच के दिए आदेश

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पूरे साल अतिक्रमण मामले में शांत बैठा प्रशासन लोक आस्था के महापर्व छठ के मौके पर सक्रिय हो गया और ठीक छठ के दिन जब लोग पर्व के लिए जरुरी सामान खरीद रहे थे, अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू कर दिया. काफी देर तक बाजार में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही. अफरा-तफरी का माहौल बना रहा.

यह मामला कैमूर जिले के मोहनिया का है. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार अतिक्रमण हटाने के दौरान पुलिस ने गुंडागर्दी और बर्बरता की है. स्थानीय लोगों का कहना है कि अचानक बिना सूचना दिए मोहनिया एसडीएम अमरीसा बैंस, मोहनिया डीएसपी रघुनाथ सिंह, मोहनिया थाना प्रभारी सहित दर्जनों पुलिसकर्मी और नगर पंचायत की टीम अतिक्रमण हटाने पहुंच गयी. उस वक्त बाजार में हजारों की संख्या में ग्राहक छठ के लिए फल और सब्जी खरीद रहे थे. अतिक्रमण हटाने के नाम पर पुलिस के जवान दुकानदारों पर डंडे बरसाने लगे. तो और सामान बेच रही महिलाओं के साथ भी बल प्रयोग किया गया. पुरूष पुलिसकर्मियों ने उन्हें खींचकर वहां से हटाने का प्रयास किया. इस दौरान मीडियाकर्मियों को भी पुलिस ने नहीं बख्शा.

दुकानदारों का कहना है कि उन्होंने सड़क पर दुकान नहीं लगायी थी, फिर भी प्रशासनिक अधिकारी आये और सीधा डंडे बरसना शुरू कर दिये. दुकानदोरों ने कहा कि यह अतिक्रमण हटाओ अभियान नहीं था बल्कि पुलिस यहां लूटपाट करने आयी थी. उन्होंने पुलिस प्रशासन पर फल लूटने का आरोप लगाया है. घटना पर कैमूर एसपी दिलनवाज अहमद ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है. मामले की जांच की जा रही है. जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा.

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