राष्ट्रीय शिक्षा नीति विषय पर वेब संगोष्ठी का आयोजन, पत्रकारिता जगत के दिग्गजों ने लिया भाग

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शिक्षा मंत्रालय के वैज्ञानिक एवं तकनीकी शब्दावली आयोग (उच्च शिक्षा आयोग) के तत्वाधान में आयोग की हीरक जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में “जनसंचार तकनीकी शब्दावली : शिक्षण, कार्यक्षेत्र एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय वेब संगोष्ठी का आयोजन किया गया. इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रयागराज के मानित विश्वविद्यालय, नेहरू ग्राम भारती के कुलपति प्रो. राममोहन पाठक ने कहा कि हमें संभावना और आशंका में अंतर को समझते हुए सही शब्दों का संधान करना होगा और सार्थक और सटीक शब्दों के प्रति हमें आग्रही बनाना होगा. माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालाय, भोपाल के कुलपति प्रो. के. जी. सुरेश ने कहा कि मीडिया छात्रों को तकनीकी शब्दों से परिचय कराने की आवश्यकता है. नई-नई शब्दावली को लेकर अलग-अलग विभागों के साथ प्रशिक्षण साथ मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है, जिसमें हम देशभर के सक्रिय सदस्य के सीय तकनीकी शब्दों से परिचित करा सकते हैं. विशिष्ट अतिथि के रूप में विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित हसराज कॉलेज की प्राचार्य प्रो. रमा सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति एक तरह से हमारी संस्कृति का प्रतिनिधित्यु करती है. इस समय हिंदी पूरे देश में सबसे अधिक बोली जाती है, लेकिन इसके साथ-साथ हमें सभी भाषाओं का भी सम्मान करना होगा. वहीं आकाशवाणी एवं दूरदर्शन केंद्र भोपाल के पूर्व निदेश प्रो. महावीर सिंह ने कहा कि किसी भी भाषा का पूरा पूरा उत्थान उसके शब्दों पर ही आधारित होता है हम अन्य भाषाओं के जिन शब्दों को अपनी भाषा में शामिल करते हैं उन शब्दों की लोक स्वीकृति होनी चाहिए.

वहीं मुख्य वक्ता के रूप में महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्व विद्यालय, वर्धा के जनसंचार विभाग में सहायक प्रोफेसर डॉ. रेणु सिंह ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से सोशल मीडिया की भाषा” पर अपना सारगर्भित व्याख्यान प्रस्तुत करते हुए कहा कि आज सोशल मीडिया का प्रयोग शहरी लोगों के साथ साथ ग्रामीण लोगों द्वारा भी किया जा रहा है. कोरोना काल में जागरूकता फैलाने में भी सोशल मीडिया के योगदान को नकारा नहीं जा सकता है. आज संगोष्ठी का पहला दिन था. आज के सत्र का संचालन चक्रम बिनोदिनी देवी ने और स्वागत वक्तव्य आयोग के सहायक निदेशक शिव कुमार चौधरी ने दी. अंत में आयोग की मर्सी ललरोहलू ने सभी वक्ताओं को धन्यवाद दिया.

इस अवसर पर देश भर के कई विश्वविद्यालयों से शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी इस ऑनलाइन वेब संगोष्ठी में शामिल थे.

https://youtu.be/WPAmgfIWf6M