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तेजप्रताप पर FIR, BJP ने कसा तंज, कहा- पिता की संस्कृति को आगे बढ़ा रहे हैं
 

राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और हसनपुर से विधायक तेज प्रताप यादव पर शपथ पत्र में गलत जानकारी देने के आरोप लगे हैं। इसे लेकर अब भाजपा ने उन पर हमला बोला है। पार्टी प्रवक्ता अजफर शम्सी ने कहा कि जिस तरह से उन्होंने चुनाव के समय अचल संपत्ति की गलत जानकारी दी, वह नियम के खिलाफ है और उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। 

दरअसल, हसनपुर विधानसभा के निर्वाचित पदाधिकारी और डीसीएलआर एसडीओ बृजेश कुमार के आवेदन पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 धारा 125 के तहत मामला दर्ज कराने को लेकर एक आवेदन दिया गया है। इस आवेदन में तेज प्रताप पर संपत्ति छिपाने का आरोप लगाए गए हैं। बता दें कि तेजप्रताप ने चुनाव के वक्त दिए गए शपथ पत्र में गोपालगंज की संपत्ति का उल्लेख नहीं किया गया था, जबकि गोपालगंज जिले में सब रजिस्टार के रिकॉर्ड में तेज प्रताप यादव के नाम से संपत्ति पंजीकृत है। फिलहाल तेजप्रताप के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है। वहीं तेज प्रताप यादव की विधायकी के खिलाफ पटना हाईकोर्ट में भी एक याचिका दायर की गई है, जिसकी सुनवाई चल रही है। 

वहीं बात करें भाजपा की तो, भाजपा प्रवक्ता अजफर शम्सी ने कहा, " तेज प्रताप यादव लालू प्रसाद यादव की संस्कृति को आगे बढ़ा रहे हैं। जो कुछ तेज प्रताप यादव कर रहे हैं, वही राजद की असली संस्कृति है। इनके लिए नियम कानून का मतलब नहीं है। वैसे भी तेजप्रताप कहते हैं कि उनमें पिता की झलक है। अब गलत ढंग से शपथ पत्र में जानकारी देकर उन्होंने जो नियम के खिलाफ काम किया है, उस पर कार्रवाई जरूर होनी चाहिए। " 

वहीं दूसरी तरफ जदयू के विधान पार्षद और प्रवक्ता नीरज कुमार ने भी तेजप्रताप पर तंज कसा है। नीरज कुमार ने कहा है कि लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव के खिलाफ पहले से ही अवैध संपत्ति अर्जित करने का मामला चल रहा है, ऐसे में तेज प्रताप कैसे पीछे रह जाते। शपथ पत्र में संपत्ति की जानकारी छुपाने के आरोप सच होने के बाद हुए एफआईआर से चुनाव आयोग ने लालू परिवार का फर्जी सामाजिक न्याय को बेनकाब कर दिया है। उन्होंने कहा है कि लालू परिवार के डीएनए में ही संपत्ति की हेराफेरी और अवैध संपत्ति का सृजन करना है। 

यही नहीं हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के प्रवक्ता दानिश रिजवान ने भी तेज प्रताप के खिलाफ हुए एफआईआर का स्वागत किया है। पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि इस तरह डॉक्यूमेंट छिपाने का काम सिर्फ तेज प्रताप ने नहीं किया है। कई सांसद और विधायक भी गलत एफेडेविट दायर कर चुनाव लड़े हैं। उनके खिलाफ भी चुनाव आयोग को जांच और कार्रवाई करनी चाहिए। ताकि बिहार में एक नजीर पेश किया जा सके। इधर, राजद के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी का कहना है कि हमें न्यायालय पर पूरा भरोसा है। न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की जो कार्रवाई होगी वह तेजप्रताप यादव के तरफ से की जाएगी। 

कोरोना को लेकर सरकार की सख्ती- https://newshaat.com/bihar-local-news/governments-strictness-regarding-corona-gandhi-maidan-and-g/cid6140539.htm