Movie prime
बिहार में कोरोना जांच से टीका तक में फर्जीवाड़ा, कहीं साइबर ठगी तो कहीं स्वास्थ्यकर्मियों की लापरवाही का शिकार हुए लोग
खुलासा होने के बाद डीएम योंगेद्र सिंह के आदेश पर सिविल सर्जन डॉ. सत्येंद्र कुमार गुप्ता ने स्वास्थ्य कर्मी दिनेश झा को निलंबित कर दिया. साथ ही इस मामले में जांच के लिए कल्याणपुर पीएचसी प्रभारी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है. 
 

बिहार में कोरोना जांच से लेकर टीकाकरण तक में बड़ी लापरवाही सामने आती रहती है। ताजा मामला बिहार के समस्तीपुर जिले का है, जहां दो दिन पहले एक स्वास्थ्य कर्मचारी ने एक पॉजिटिव व्यक्ति के सीरम को एक ही क्षेत्र के 115 लोगों के अलग-अलग नामों से आरटीपीसीआर जांच के लिए भेज दिया। इससे सबकी रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। मौके पर स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजी गई तब पता चला कि वह पॉजिटिव नहीं है। मामला कल्याणपुर का है।

सोमवार को इसका खुलासा होने के बाद डीएम योंगेद्र सिंह के आदेश पर सिविल सर्जन डॉ. सत्येंद्र कुमार गुप्ता ने स्वास्थ्य कर्मी दिनेश झा को निलंबित कर दिया। साथ ही इस मामले में जांच के लिए कल्याणपुर पीएचसी प्रभारी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। दो दिनों में जांच रिपोर्ट मांगी गई है। डीएम ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि यह बहुत बड़ी लापरवाही है। कर्मचारी को निलंबित कर प्राथमिकी दर्ज करने को कहा गया है। जांच में और किसी की संलिप्तता मिली तो उस पर भी कार्रवाई होगी।

टेस्ट

दरअसल, 5 जनवरी को कल्याणपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ( पीएचसी) से 115 लोगों का सैंपल जांच के लिए इंदिरा गांधी आयुर्वेदिक संस्थान (आईजीआईएमएस) पटना भेजा गया था। 7 जनवरी को सबकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। रविवार को कल्याणपुर टीम भेजी गई। जांच में पता चला कि पीएचसी में एक व्यक्ति की एंटीजन रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। कर्मचारी दिनेश झा ने पॉजिटिव व्यक्ति के सीरम को अलग-अलग रख कर 115 लोगों का सैंपल बना लिया और जांच के लिए पटना भेज दिया था। पॉजिटिव लोगों को जानकारी नहीं मिले इसके लिए कर्मी ने सीरम से संबंधित व्यक्ति का नाम फॉर्मेट में नहीं भरा था। इससे उन लोगों के पास मैसेज नहीं पहुंच पाया। सिविल सर्जन ने बताया कि जांच कमेटी को कहा गया है कि वह सभी पॉजिटिव घोषित व्यक्ति का बयान लें।

इधर, बिहार की राजधानी पटना में इन दिनों कोरोना के नाम पर अलग-अलग तरह की ठगी चल रही है। इनमें से एक की अभी खास चर्चा हो रही है। दरअसल, ठग आपके नंबर पर ओटीपी भेज आपसे कांटेक्ट कर बोलते हैं, " आपके मोबाइल पर मेरी कोरोना रिपोर्ट गलती से चली गई है एक ओटीपी नंबर जाएगा। आप वह नंबर बताइए। "  लेकिन जैसे ही आप वह ओटीपी बताएंगे वैसे ही आपके बैंक अकाउंट से पैसा छू मंतर हो जाएगा यानी कि गायब हो जाएगा। बता दें राजधानी पटना में वैक्सीन और आर्टिफिशियल रिपोर्ट के नाम पर साइबर ठग अब इसी तरह की ठगी कर रहे हैं। वहीं अब तक कई लोगों के मोबाइल पर जालसाज कोरोना वायरस टीके का ओटीपी नंबर भेज कर पैसे उड़ा चुके हैं। 

ओटीपी

पटना के रहने वाले प्रवीण बताते हैं कि उनके मोबाइल पर 2 दिन पहले आरटीपीसीआर की रिपोर्ट आई। यह रिपोर्ट देखने में बिल्कुल स्वास्थ्य विभाग जैसा था। दूसरी तरफ रिपोर्ट आने के 2 मिनट बाद ही एक व्यक्ति फोन करता है और कहता है कि उसकी रिपोर्ट गलती से उनके मोबाइल पर चली गई है। कृप्या एक ओटीपी नंबर आएगा वह बता दीजिए। प्रवीण समझ चुके थे कि आरटीपीसीआर में किसी तरह का ओटीपी नंबर नहीं आता है। इसलिए उन्होंने ओटीपी नंबर बताने से मना कर दिया। इतने पर वह ठग गालियां देने लगा और पुलिस में कंप्लेन करने की बात कही। फिर प्रवीण ने तुरंत मोबाइल नंबर को ब्लैक लिस्ट कर दिया लेकिन उन्हीं के एक दोस्त ने गलती से ओटीपी नंबर बता दी और तुरंत ही उनका पांच हजार रुपये अकाउंट से गायब हो गया। इस तरह के और कई मामले राजधानी पटना से आ रहे हैं।

वहीं अगर आप फोन पे, पेटीएम या गुगल एप जैसे एप का इस्तेमाल करते हैं तो भी आपके साथ ऐसी ठगी हो सकती है। किसी का कॉल आएगा। कहा जाएगा कि आपने कोरोना टीके का दोनों डोज ले लिया है। यदि आप कहेंगे हां तो आपके फोन पे या गुगल पे पर एक रिक्वेस्ट जाएगा और आपसे उस पर क्लिक करने को कहा जाएगा। आपको बताया जाएगा कि उस पर क्लिक करते ही आपके एकाउंट में पैसा डाल दिया जाएगा जो सीधे केंद्र सरकार की ओर से आपको दिया जा रहा है। लेकिन मूर्ख बनने की जरूरत नहीं है। केंद्र सरकार की ओर से ऐसा कोई स्कीम अभी तक नहीं है, न राज्य सरकार की ओर से है। हां कुछ जगहों पर कोरोना टीका लगाने के लिए लोगों को प्रेरित करने के लिए गिफ्ट का इंतजाम किया गया था। लेकिन इसकी जानकारी खबरों के माध्यम से आपको दी जाती है। साथ ही यह पूरी की पूरी ऑफलाइन प्रक्रिया है।  

हैदराबाद रवाना हुए तेजस्वी, CM के स्वास्थ्य को लेकर जताई चिंता- https://newshaat.com/bihar-local-news/tejashwi-left-for-hyderabad-expressed-concern-about-cms-hea/cid6209398.htm