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केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह ने सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती मनाई, यहां देखें तस्वीर
 

केंद्रीय इस्पात मंत्री और जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह आज पटना जिला के पालीगंज प्रखंड के जरखा स्थित पटेल उच्च विद्यालय द्वारा लौह पुरुष ‘भारत रत्न’ सरदार वल्लभ भाई पटेल की 146 वीं जयंती समारोह के आयोजन में भाग लेने पहुंचे। पालीगंज पहुंचे केंद्रीय मंत्री ने सरदार वल्लभ भाई पटेल की मूर्ति के पर माल्यार्पण किया। इस मौके पर भाजपा सांसद राम कृपाल यादव भी मौजूद थे। यहां देखें तस्वीर - 

समारोह

आरसीपी सिंह ने कहा सरदार पटेल हमारे आदर्श थे। केन्द्रीय मंत्री गुरुवार को पालीगंज के जरखा स्थित पटेल उच्च विद्यालय में सरदार पटेल की 146 वीं जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जबतक सोच बड़ा नहीं होगी तब तक कुछ नहीं होगा। छोटी सोंच से विकास नहीं होता है। उन्होंने जेएनयू के चुनाव प्रणाली की चर्चा करते हुए कहा कि वहां चुनाव लड़ने वाले का छात्र मतदाता के साथ डिबेट होता था तब नेता का चयन होता था। 

समारोह

सिंह ने कहा कि अभी देश में 100 गीगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन हो रहा उसे बढ़ाकर 450 गीगावाट करना है। हमारे प्रधानमंत्री की सोच है विकास के साथ-साथ पर्यावरण की रक्षा करना। पीएम का मानना है कि विकास ही विकसित देश की निशानी है मगर पर्यावरण संरक्षण से ही आम जन सुरक्षित है। हमारे पास प्राकृतिक संसाधन है, उपजाऊ जमीन है तो कृषि के क्षेत्र में हमें विकसित होने से कोई रोक नहीं सकता। उन्होंने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सदैव बिहार के विकास की चिंता करते हैं इसलिए ही उन्होंने बिहार के लोगों को पौष्टीक भोजन मिले इसलिए पीडीएस में उसना चावल देने व राज्य में उसना चावल के मिलों की संख्या बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। जदयू के कार्यकर्ताओं को उनके आह्वान व अभियान को आमजन तक पहुंचाना है। सरकार का काम होता है विकास के लिए माहौल बनाकर काम करना। आज बिहार में विकास हो रहा है। बिहार की उद्योग नीति से प्रभावित होकर कई बाहर की कंपनियां राज्य में अपना उद्योग धंधा फैला रही है। 

वहीं मौके पर मौजूद रामकृपाल यादव ने कहा कि सरदार पटेल ने आजादी के पहले वह आजादी के बाद के भारत के नवनिर्माण में अपनी महती भूमिका निभाई जो देश के लिए प्रेरणास्रोत है। इस मौक पर प्रख्यात शिक्षाविद व जदयू के वरीय नेता डॉ. कन्हैया सिंह ने युवाओं से आह्वान किया कि वे सरदार पटेल की जीवनी से प्रेरणा लेकर सबको साथ लेकर चलने का संकल्प लें। कार्यक्रम में विधान पार्षद सीपी सिंन्हा, कुमुद वर्मा, रोजिना नाजिस, पूर्व विधान पार्षछ बाल्मीकि सिंह, पूर्व विधायक जर्यवर्द्धन यादव, जदयू के प्रदेश महासचिव अनिल कुमार, डॉ. विपिन यादव, कामख्या नारायण सिंह,अशोक वर्मा, जदयू नेत्री श्वेता विश्वास, जदयू नेता नंदकिशोर कुशवाहा, संतोष महतो, विशन कुमार बिट्टृ, सन्नी पटेल, डॉ ललिता, प्रवीण चन्द्रवंशी, जीतेन्द्र नीरज, उदय कुमार सहित कई नेताओं ने अपने विचार व्यक्त किए।

समारोह

बता दें, लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती राष्ट्रीय अखंडता दिवस के रूप में मनाई जाती है। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देशी रियासतों का एकीकरण कर अखंड भारत के निर्माण में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन को वैचारिक एवं क्रियात्मक रूप में एक नई दिशा देने की वजह से सरदार पटेल ने राजनीतिक इतिहास में एक अत्‍यंत गौरवपूर्ण स्थान पाया।

समारोह

बता दें कि सरदार पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नडियाद में हुआ। 22 साल की उम्र में उन्होंने मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। वह अन्याय नहीं सहन कर पाते थे। इससे जुड़ा एक किस्सा मशहूर है। अन्याय का विरोध करने की शुरुआत सरदार वल्लभ भाई पटेलने स्कूली दिनों से ही कर दी थी। नडियाद में उनके स्‍कूल के अध्यापक पुस्तकों का व्यापार करते थे और छात्रों को बाध्य करते थे कि पुस्तकें बाहर से न खरीदकर उन्हीं से खरीदें। वल्लभभाई ने इसका विरोध किया और छात्रों को अध्यापकों से पुस्तकें न खरीदने के लिए प्रेरित किया। परिणामस्वरूप अध्यापकों और विद्यार्थियों में संघर्ष छिड़ गई। 5-6 दिन स्‍कूल बंद रहा। अंत में जीत सरदार पटेल की हुई। अध्यापकों की ओर से पुस्तकें बेचने की प्रथा बंद हुई।

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