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बढ़ते अपराधों और हत्याओं के खिलाफ वैश्य समाज का आक्रोश प्रदर्शन, सीबीआई जांच की उठी मांग

 
pradarshan in gandhi maidan

Patna: राजधानी पटना में अपराध और हत्या की बढ़ती घटनाओं को लेकर वैश्य–व्यवसायी समाज का गुस्सा अब सड़कों पर दिखाई देने लगा है। जाने-माने व्यवसायी गोपाल खेमका की हालिया हत्या के विरोध में सोमवार को वैश्य समाज ने गांधी मैदान थाना क्षेत्र में जोरदार प्रदर्शन किया। 

इस दौरान राष्ट्रीय वैश्य महासभा के प्रदेश युवा अध्यक्ष मंजीत आनन्द साहू ने कानून व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर खेमका की हत्या हुई, वहां से कुछ ही दूरी पर जिलाधिकारी और जिला जज का आवास है। बावजूद इसके एक बड़े व्यवसायी की सरेआम हत्या होना यह साबित करता है कि राजधानी में सरकार और प्रशासन का खौफ अपराधियों में नहीं रह गया है।

तीन घंटे तक नहीं पहुंची पुलिस, सीबीआई जांच की मांग
मंजीत साहू ने बताया कि घटना के करीब तीन घंटे बाद तक भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। यहां तक कि थाने और अन्य अधिकारियों के फोन तक नहीं उठे। उन्होंने दो टूक कहा, "अब पुलिस और सरकार नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। "उन्होंने आगे कहा कि, “वर्ष 2018 में गोपाल खेमका के बेटे गुंजन खेमका की भी हत्या कर दी गई थी। आज तक पुलिस उनके हत्यारों को नहीं पकड़ पाई है। अगर तब सख्त कार्रवाई होती, तो शायद आज गोपाल खेमका हमारे बीच होते।” साहू ने दोनों हत्याओं की सीबीआई जांच की मांग करते हुए चेतावनी दी कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वैश्य समाज बड़ा आंदोलन करेगा।

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खगौल में स्कूल संचालक की हत्या से और बढ़ा जनाक्रोश
प्रदर्शन के दौरान मंजीत साहू ने रविवार देर रात खगौल में स्कूल संचालक अजीत कुमार की गोली मारकर की गई हत्या का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि एक के बाद एक हत्याओं से राजधानी सहित पूरे प्रदेश में भय और आक्रोश का माहौल है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, जो खुद गृह मंत्री भी हैं, अभी तक इन घटनाओं पर एक भी बयान नहीं दे सके हैं, जिससे जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है।

सैकड़ों वैश्य-व्यवसायी सड़क पर उतरे
इस प्रदर्शन में वैश्य चेतना समिति के अध्यक्ष सुंदर साहू, करमु साह केशरी, बिन्दा साह, शीतल गुप्ता, वैभव गुप्ता, अर्जुन साह, भारती जी सहित सैकड़ों की संख्या में वैश्य और व्यवसायी समाज के लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने जल्द कार्रवाई और न्याय की मांग करते हुए सरकार को चेतावनी दी कि अगर स्थिति नहीं सुधरी, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।