श्रावणी मेला 2025: बासुकीनाथ जाने में श्रद्धालुओं को हो रही परेशानी, वाहनों की कमी पर जताई नाराजगी, जिला प्रशासन से परिवहन व्यवस्था की मांग
सावन के पावन माह में देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। दूर-दराज से पहुंचे कांवरिए ‘बोल बम’ के जयकारों के साथ बाबा भोलेनाथ पर जल अर्पित करने मंदिर पहुंच रहे हैं। गुरुवार को भी मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
हालांकि, श्रद्धालुओं को मंदिर के आसपास यातायात प्रतिबंधों के चलते खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पूजा-अर्चना के बाद बासुकीनाथ की ओर प्रस्थान करने वाले श्रद्धालु मंदिर क्षेत्र में सवारी की सुविधा नहीं मिलने से परेशान दिखे। उनका कहना है कि जलाभिषेक के बाद मंदिर से बाहर निकलने पर न तो ऑटो मिलते हैं और न ही कोई अन्य छोटा वाहन जिससे वे बस स्टैंड तक जा सकें।
कई भक्तों ने जिला प्रशासन से यह मांग की कि मंदिर से बस स्टैंड तक पहुंचने के लिए छोटी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की जाए, विशेषकर उन दिनों को छोड़कर जब भारी भीड़ होती है, जैसे रविवार और सोमवार। प्रशासन द्वारा बनाया गया वैकल्पिक बस स्टैंड भी मुख्य मंदिर से काफी दूर है, जिससे भक्तों को पैदल चलने में कठिनाई हो रही है।
देवघर जिला प्रशासन के अनुसार, बुधवार शाम तक करीब दो लाख श्रद्धालु बाबा मंदिर में जल अर्पण कर चुके हैं। गुरुवार सुबह अपेक्षाकृत भीड़ कम थी, लेकिन जलाभिषेक का सिलसिला लगातार जारी रहा।
बाबा मंदिर के पुजारी विंबलंब बाबा ने बताया कि सावन और भादो के महीनों को विशेष रूप से पवित्र माना जाता है क्योंकि मान्यता है कि इन महीनों में भगवान शिव स्वयं धरती पर वास करते हैं और अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
सुरक्षा व्यवस्था की बात करें तो गुरुवार को सुबह से ही जिला प्रशासन और पुलिस बल श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सक्रिय रहा। रूट लाइन पर भक्तों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जगह-जगह सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई थी।







