आशा किरण शेल्टर होम की बदहाली पर भाजपा ने केजरीवाल सरकार से मांगा जवाब
Sep 14, 2024, 17:21 IST
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने आशा किरण शेल्टर होम की स्थिति पर आई रिपोर्ट को बेहद चिंताजनक बताया है। उन्होंने रिपोर्ट में सामने आईं 5 प्रमुख खामियों को उजागर करते हुए अरविंद केजरीवाल सरकार से पांच महत्वपूर्ण सवाल पूछे हैं।
वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि आशा किरण होम की क्षमता 570 मरीजों की है, जबकि दिल्ली में इस समय कम से कम 2000 ऐसे मरीज हैं, जिन्हें इस प्रकार के शेल्टर होम की आवश्यकता है। लेकिन पिछले 10 सालों में केजरीवाल सरकार ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। वर्तमान में, 570 की क्षमता वाले इस होम में 928 मरीज भरे हुए हैं, जो सरकार की उदासीनता को दर्शाता है।
अरविंद केजरीवाल सरकार से भाजपा के 5 सवाल:
1. पिछले 10 सालों में क्या केजरीवाल सरकार ने शेल्टर होम की क्षमता बढ़ाने के लिए कोई प्रस्ताव या फंड स्वीकृत किया?
2. स्वच्छता और वेंटिलेशन जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार के लिए क्या कदम उठाए गए? कितने मंत्रियों ने इस होम का निरीक्षण किया? यदि यह स्वास्थ्य मॉडल का हिस्सा है, तो स्वास्थ्य मंत्री और समाज कल्याण मंत्री चुप क्यों हैं?
3. शेल्टर होम में इतना मिसमैनेजमेंट क्यों है कि मरीजों के आने-जाने और डॉक्टरों के दौरे का रिकॉर्ड तक उपलब्ध नहीं है? मुख्यमंत्री खुद बताएं कि सरकारी रिकॉर्ड रखने में इतनी कोताही क्यों हो रही है?
4. डॉक्टरों के 12 पद लम्बे समय से रिक्त क्यों हैं? और बौद्धिक रूप से अक्षम लोगों की देखभाल के लिए प्रशिक्षित स्टाफ की कमी कब तक रहेगी? क्या केजरीवाल सरकार इन पदों को भरने के लिए कोई ठोस कदम उठा रही है?
5. मरीजों के लिए बेड, बाथरूम, पंखे, कूलर, ए.सी., और वाटर प्यूरीफायर जैसी बुनियादी सुविधाएं तक पूरी नहीं हैं। वहीं, केजरीवाल ने अपने लिए शानदार आवास सुविधाएं बनाई हैं। आखिर इन बीमार, कुपोषित और दिव्यांग बच्चों की हालत पिछले 10 सालों में बद से बदतर क्यों हो गई?
वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि यह अत्यंत खेदजनक है कि केजरीवाल सरकार दिव्यांग, मंदबुद्धि और अस्वस्थ बच्चों के प्रति इतनी असंवेदनशील है। उन्हें संदेह है कि इनकी सेवा के लिए दिए गए फंड में भी हेरफेर हो रहा है।







