बिहार में कोरोना का बढ़ने लगा खतरा, रोहतास में 10 साल की बच्ची संक्रमित, शादी समारोह में शामिल होने गई थी गया

एक बार फिर से बिहार में कोरोना अपना पैर पसारना शुरू कर दिया है. सोमवार को रोहतास जिले में कोरोना से संक्रमित पहला और राज्य में चौथा मरीज मिला है. राजधानी के बाहर यह पहला मरीज है जो कोरोना पॉजिटिव पाया गया है. कोरोना संक्रमित पाई गई मरीज 10 साल की बच्ची है. नोखा की रहने वाली लड़की फिलहाल सासाराम के नारायण मेडिकल कॉलेज में भर्ती है.
बता दें कि संक्रमित बच्ची एक पारिवारिक समारोह में शामिल होने के लिए गया के इमामगंज शेरघाटी गई थी जहां उनके एक रिश्तेदार आसानसोन से उनके साथ वहां शामिल होने आए थे. हालांकि वह स्वस्थ थे उनके परिवार के सभी सदस्य और उनके संपर्क में आने वाले लोग स्वस्थ हैं . शादी से लौट के बाद बच्ची की तबीयत खराब हो गई और डॉक्टर के पास लेकर जाया गया. डॉक्टर के रेफर करने के बाद वह इलाज के लिए नारायण मेडिकल कॉलेज अस्पताल गई जहां कोरोना जांच के बाद वह संक्रमित पाई गई.

सोमवार को कुल 76 लोगों की जांच की गई. जिसमें से 52 आरटीपीसीआर और 24 एंटीजन किट से की गई. करोना संक्रमित मरीज से मिलने के बाद जिले के सभी अस्पतालों को अलर्ट कर दिया गया है. इधर राज्य में कोरोना जांच को लेकर अभियान भी चलाया जा रहा है. 24 घंटे के दौरान राज्य भर में 3800 सैंपलों की जांच की गई.
सिविल सर्जन डॉ केएन तिवारी ने जिले के सभी अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रहने का दिशा-निर्देश दिया है. उन्होंने कहा है कि सर्दी-खांसी होने पर भी कोरोना की जांच कराएं. अपने यहां ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में रखें.
स्वास्थ्य विभाग ने जिलों को अलर्ट करते हुए आरटीपीसीआर जांच की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया है. कोरोना महामारी के बाद 15 जिलों में आरटीपीसीआर जांच के लिए उपयोग में लाये जाने वाला वायरल ट्रांसपोर्ट मीडिया (वीटीआर) खत्म हो चुका है. अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की समीक्षा बैठक में वीटीआर की कमी की जानकारी मिली. इसके बाद विभाग की ओर से 48 हजार वीटीआर का आवंटन जिलों को कर दिया गया है, जिससे जांच में तेजी आये. साथ ही जिलों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने यहां जांच के लिए आवंटित वीटीएम अविलंब प्राप्त कर जांच आरंभ कर दें