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ममता बनर्जी के मंत्री पार्थ चटर्जी को ईडी ने किया गिरफ्तार, करीबी के घर से मिले थे 20 करोड़
 


शिक्षक भर्ती घोटाले के सिलसिले में पश्चिम बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार कर लिया है. उनके खिलाफ शुक्रवार को शुरू हुई छापेमारी शनिवार तक जारी रही. शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के दो मंत्रियों समेत करीब एक दर्जन लोगों के घरों पर शुक्रवार को एक साथ छापेमारी की थी. ईडी के अधिकारी शुक्रवार सुबह पार्थ चटर्जी के घर पहुंचे थे और उनसे एसएससी घोटाले की जांच के सिलसिले में पूछताछ की थी.

दरअसल कलकत्ता उच्च न्यायालय की एक पीठ ने सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया की सीबीआई जांच का आदेश दिया था. ईडी सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के लिए शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की भर्ती में कथित मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रहा है.

कौन हैं पार्थ चटर्जी  ये भी जान लीजिये, पार्थ चटर्जी अभी उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री हैं, वह उस समय शिक्षा मंत्री थे, जब यह कथित घोटाला हुआ था. सीबीआई दो बार उनसे पूछताछ कर चुकी है. पहली बार 25 अप्रैल को और दूसरी बार 18 मई को पूछताछ की गई थी. इस मामले में शुक्रवार को भी अधिकारियों ने घोटाले के बारे में उनसे 11 घंटे से ज्यादा पूछताछ की.

चटर्जी अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के पश्चिम बंगाल महासचिव भी हैं. पार्थ चटर्जी के पास संसदीय कार्य मंत्रालय का विभाग भी है. 2014 से 2021 तक चटर्जी ममता बनर्जी की कैबिनेट में शिक्षा मंत्री थे. 2001 में, पार्थ चटर्जी तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर बेहाला पश्चिम से विधायक चुने गए थे और तब से दक्षिण कोलकाता सीट पर बने हुए हैं. 2011 में ममता बनर्जी की पार्टी की सरकार बनने से पहले, चटर्जी 2006 से 2011 तक पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता थे. पार्थ साल 2016 में कई मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. पार्थ को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी सहयोगियों में से एक माना जाता है. वे टीएमसी के टिकट पर 2001, 2006, 2011, 2016 और 2021 में लगातार पांच बार विधायक चुने जा चुके हैं.

जानकारी के अनुसार, पार्थ चटर्जी की करीबी अर्पिता मुखर्जी के घर पर भी ED ने छापा मारा. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस दौरान ईडी ने करीब 20 करोड़ रुपये नकद बरामद किए हैं. इस कार्रवाई की जो तस्वीरें सामने आई हैं, उनमें 500 रुपये और 2000 रुपये के नोटों का एक बड़ा पहाड़ देखने को मिल रहा है. बताया जा रहा है कि अर्पिता मुखर्जी के नाम पर कुछ प्रॉपर्टी के दस्तावेज़ मिले हैं जिसमें अब ईडी आगे की जांच कर रही है.

बता दें सीबीआई हाई कोर्ट के निर्देश पर पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग की सिफारिशों पर सरकार द्वारा प्रायोजित व सहायता प्राप्त स्कूलों में समूह 'सी' और 'डी' के कर्मचारियों व शिक्षकों की भर्ती में हुई कथित गड़बड़ियों की जांच कर रहा है. वहीं, ईडी इस मामले से संबंधित कथित घोटाले की जांच में जुटा है.