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BPSC पेपर लीक: आरोपी डीएसपी साहब ने अपने भाई, बहनोई सबको बना दिया अफसर
 

बिहार में 67 वीं बिहार लोक सेवा आयोग की संयुक्त प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा के पेपर लीक मामले में आर्थिक अपराध इकाई यानी ईओयू के द्वारा अब तक का सबसे बड़ा एक्शन सामने आया है. ईओयू न मंगलवार को डीएसपी रैंक के अफसर रंजीत कुमार रजक को हिरासत में लिया है. वहीं ताजा जानकारी के अनुसार आर्थिक अपराध इकाई ने इनकी पूरी हिस्ट्री निकल ली है. 

Bpsc Paper Leak Eow Arrested 4 People Including Exam Centre Magistrate Bdo  Jaivardhan Gupta - Bpsc Paper Leak: बीपीएससी पेपर लीक मामले में परीक्षा  केंद्र मजिस्ट्रेट हिरासत में, ईओयू ने चार ...

जानकारी के अनुसार रंजीत कुमार रजक के परिवार के कई लोग सरकारी नौकरी में हैं और वो भी बड़े पदों पर। इनके एक भाई ने 56वें-59वीं BPSC का कंबाइन एग्जाम दिया था. जिसमें वो पास हुए और SDM बन गए। दूसरे भाई ने 63वीं BPSC का एग्जाम दिया और फिर वो लेवर एनफोर्समेंट अफसर बन गए। इन दोनों भाइयों की सरकारी नौकरी अब  आर्थिक अपराध इकाई के शक के दायरे में आ गई है.  इसकी पीछे की वजह ये है कि इनके परिवार के कई लोग रंजीत कुमार रजक के डीएसपी बनने के बाद सरकारी नौकरी पाई है. जिसके कारण अब इनका परिवार भी शक के दायरे में आ गया है. 

इतना ही नहीं रंजीत कुमार रजक के डीएसपी बनने के बाद ही एक परिचित युवक ने BPSC का एग्जाम दिया था। जिसके बाद बिहार पुलिस में वो भी डीएसपी बन गया. फिर रंजीत ने अपनी एक बहन की शादी उसी डीएसपी से करा दी। आर्थिक अपराध इकाई की जांच में पता चला कि इनके डीएसपी बहनाई को BPSC के एग्जाम में 1200 में से 876 नंबर आए थे. उस वक्त के एग्जाम के रिजल्ट में 9वां रैंक मिला था. लेकिन, उसी एग्जाम के बाद इंटरव्यू में 150 में मात्र 49 नंबर ही उनके बहनोई को मिले थे. आर्थिक अपराध इकाई के जांच के दायरे में अब इनके बहनोई की भी नौकरी आ गई है.

बता दें मंगलवार को हिरासत में लिए गए डीएसपी रंजीत कुमार रजक पेपर लीक मामले के गिरोह से जुड़े सदस्यों के लगातार संपर्क में रहे थे. डीएसपी की आरोपियों से लगातार बातचीत हो रही थी, इस बात के साक्ष्य आर्थिक अपराध इकाई को मिले हैं. इसके बाद आर्थिक अपराध इकाई ने उन्हें हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की. जिसमें कई खुलसे हुए.