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बढ़ती जा रही BJP और JDU के बीच तनातनी, उपेन्द्र कुशवाहा और संजय जासवाल फेसबुक पर एक-दूसरे से भिड़ गए
 

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने अपनी ही सरकार पर निशाना साधते हुए बिहार की शिक्षा नीति पर सवाल उठाए थे. उन्होंने कहा था कि तीन साल में बच्चों के ग्रेजुएशन की डिग्री पूरी होनी चाहिए. लेकिन यहां 6 साल लग जाते हैं. सरकार सेशन की देरी पर ध्यान दें, हमें अग्निपथ पर पुनर्विचार की सलाह न दे. इस बयान के बाद बिहार में एक बार फिर से बयानबाजी का दौर चल पड़ा है. 

संजय जायसवाल के बयान पर उपेंद्र कुशवाहा ने जब आपत्ति जताई तो बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने सोशल मीडिया के जरिए उपेंद्र कुशवाहा को नसीहत दे डाली. डॉ. संजय जायसवाल ने फेसबुक पोस्ट करते हुए लिखा था कि उपेंद्र कुशवाहा पहले बिहार में केंद्रीय विद्यालय के लिए जमीन मुहैया कराने को लेकर आंदोलन कर रहे थे लेकिन बाद में यह आंदोलन तब खत्म हो गया जब नेता जी खुद सफल हो गए, हालांकि संजय जयसवाल ने अपने इस पोस्ट में कुशवाहा का नाम नहीं लिया था.

अब उपेंद्र कुशवाहा ने संजय जयसवाल के इस फेसबुक पोस्ट को कोर्ट करते हुए पलटवार किया है. उपेंद्र कुशवाहा और संजय जयसवाल इस तरह टकरा गए हैं कि अब कुशवाहा बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष को अनुकंपा पर मिली भूमिका की याद दिला रहे हैं. उपेंद्र कुशवाहा ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा है..'भाई जी, मेरे उस आंदोलन में आपको क्या ग़लत दिखा ? जहां तक मेरी भूमिका का सवाल है, सत्ताधारी दल के सदस्य की मर्यादा और विपक्ष के सदस्य के रूप में किसी व्यक्ति का क्या दायित्व होता है इसका ज्ञान तो संभवतः आपको होगा ही. अगर नहीं है तो आपको बहुत ट्रेनिंग की जरूरत है.

उपेंद्र कुशवाहा आगे लिखते हैं, 'रही बात मेरे सफल होने की, तो आपकी तरह मुझको राजनीति में अनुकंपा में कुछ नहीं मिला है. अगर ज्ञान न हो, तो मेरे राजनीतिक सफर के पन्नों को ही पलट कर देखवा लीजिए श्रीमान जी. मेरी जिस सफलता की बात आप कर रहें हैं न, उससे बड़ी-बड़ी कुर्सियों को त्यागकर यहां तक पहुंचे हैं, महोदय.

 बिहार के शिक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल के बीच शिक्षा मंत्री विजय चौधरी ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी है. शिक्षा मंत्री ने कहा कि बिहार के अधिकांश यूनिवर्सिटी को विभाग ने निर्देश जारी किया है कि वह अपने सत्र को सही समय पर चलाएं और शिक्षा विभाग उसको लेकर प्रयास भी कर रहा है. बिहार में जितने भी विश्वविद्यालय हैं उनके सत्र समय से चले जिससे कि छात्रों को दिक्कत न हो.

वहीँ बिहार में अग्निपथ योजना के खिलाफ हुए उग्र आंदोलन में बड़ी संख्या में राष्ट्रीय संपत्ति का नुकसान किया गया. इस आंदोलन को उकसाने केआरोप में बिहार में कई कोचिंग संस्थान पर भी प्राथमिकी दर्ज की गई है. इसको लेकर शिक्षा मंत्री विजय चौधरी ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि सरकार के किसी निर्णय के खिलाफ लोग जरूर अपना प्रदर्शन कर सकते हैं. यह उनका अधिकार है लेकिन जिस तरह से राष्ट्रीय संपत्ति का नुकसान पहुंचाया गया है वह गलत है. इस आंदोलन को चलाने के लिए जिन जिन कोचिंग इंस्टिट्यूट की संदिग्ध भूमिका रही है उसकी भी जांच चल रही है.

दरअसल अग्निपथ योजना को लेकर बीजेपी को अपने सहयोगी जदयू के विरोध का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने राज्य सरकार की शिक्षा नीति को लेकर हमला किया है. संजय जायसवाल ने बिहार में ग्रेजुएशन की डिग्री 3 साल में नहीं मिलने की बात कही थी. इसपर जदयू ने भी पलटवार किया. वहीँ बिहार विधानसभा का मानसून सत्र शुरू हो गया है और अग्निपथ योजना को लेकर आरजेडी और वाम दलों के तेवर तल्ख हैं.